कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक को रोका, भारत को ऐतिहासिक कदम से वंचित किया : चंद्रबाबू नायडू

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अमरावती, 18 अप्रैल (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी द्वारा महिला आरक्षण विधेयक को अवरुद्ध करने से भारत को ‘महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम’ से वंचित कर दिया गया है।

लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के चुनावों से लागू करने और लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।

विधेयक के समर्थन में 298 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। मतदान करने वाले 528 सांसदों में से, विधेयक को दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 मतों की आवश्यकता थी।

नायडू ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “महिला आरक्षण विधेयक को रोककर, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने भारत को महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने से वंचित कर दिया है।”

केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के प्रमुख सहयोगी नायडू ने कहा कि यह केवल राजनीतिक बाधा नहीं है, बल्कि ‘लाखों महिलाओं के साथ विश्वासघात’ है जो संसद में समान आवाज और उचित प्रतिनिधित्व की हकदार हैं।

नायडू ने कहा, “देश इसे याद रखेगा।”

इसके अलावा, राजग के सहयोगी दल ने इस बात पर जोर दिया कि परिसीमन और संविधान संशोधन विधेयक (महिला आरक्षण विधेयक) को हराकर विपक्षी दलों ने “देश को भारी नुकसान पहुंचाया है।”

इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक एजेंडा “दीर्घकालिक राष्ट्रीय हित” पर हावी हो गया है।

नायडू ने कहा, “इस परिणाम का जश्न मनाने वालों को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए; हमने उचित प्रतिनिधित्व के लिए निष्पक्ष और संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का अवसर खो दिया है।”

इस बीच, जनसेना के संस्थापक और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि विपक्षी दलों ने विधायी निकायों में महिलाओं की शक्ति बढ़ाने का एक बड़ा अवसर गंवा दिया।

अभिनेता से नेता बने कल्याण ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “अगर विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी दे दी होती, तो उन्हें (महिलाओं को) सम्मान मिलता।”

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