तिरुवनंतपुरम, 18 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने लोकसभा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष पर संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ मतदान करके प्रगति के बजाय राजनीति को चुनने का आरोप लगाया है।
इस विधेयक का उद्देश्य 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना था।
इस विधेयक में लोकसभा में सीटों की संख्या को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 करने का भी प्रस्ताव था, ताकि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित किया जा सके।
पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री गोपी ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि यह सिर्फ एक विधेयक नहीं था, बल्कि लाखों भारतीय महिलाओं की आकांक्षाएं थीं जिन्हें पराजित किया गया।
उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘हमने अपनी माताओं और बहनों के लिए जिस रोशनी की कामना की थी, वह फिलहाल कुछ मंद पड़ गई है, लेकिन उसे बुझाया नहीं जा सकता। मैं आज आपके सामने मन में गहरी निराशा के साथ खड़ा हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वास्तविक सशक्तीकरण के एक दृष्टिकोण- महिला आरक्षण विधेयक- को लोकसभा में उन लोगों के हाथों गिरते देखना, जिन्होंने प्रगति पर राजनीति को चुना, एक गहरा घाव है। यह सिर्फ एक विधेयक की हार नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीय महिलाओं की आकांक्षाओं की हार है।’’
उन्होंने ‘शॉशैंक रिडेम्पशन’ फिल्म की मशहूर पंक्ति ‘‘आशा एक अच्छी चीज है, शायद सबसे अच्छी चीज है और कोई भी अच्छी चीज कभी नहीं मरती’’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल एक अस्थायी झटका है।
उन्होंने कहा, “मेरी मंशा नेक है, मेरा संकल्प अटल है। भले ही कुछ लोगों ने आज हमारा रास्ता रोक दिया हो, वे भविष्य को नहीं रोक सकते। हम रास्ता खोज निकालेंगे। हमें न्याय मिलेगा। हमारा दिन आएगा। उम्मीद बनाए रखें। सफर जारी है।”