श्रीलंका के नुवारा एलिया में भारतीय आवास परियोजना के लाभार्थियों से मिलेंगे उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

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कोलंबो, 20 अप्रैल (भाषा) उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन श्रीलंका की अपनी दो दिन की यात्रा समाप्त करने से पहले भारतीय आवास परियोजना के लाभार्थियों से मिलने के लिए सोमवार को नुवारा एलिया जाएंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

यह किसी भारतीय उपराष्ट्रपति की श्रीलंका की पहली आधिकारिक यात्रा है।

अधिकारियों ने बताया कि उपराष्ट्रपति मध्य प्रांत में नुवारा एलिया के रागला स्थित लिड्सडेल एस्टेट जाएंगे, जहां वह भारतीय आवास परियोजना के कुछ लाभार्थियों से मुलाकात और बातचीत करेंगे।

वह उस गांव की भी यात्रा करेंगे जहां चाय बागान में काम करने वाले श्रमिकों के लिए भारत ने 166 मकानों का निर्माण कराया है।

इसके बाद वह सीता एलिया स्थित सीता अम्मान मंदिर जाएंगे और वहां से कोलंबो लौटेंगे।

राधाकृष्णन ने रविवार को श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूर्या से बातचीत के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। अमरसूर्या शिक्षा मंत्री भी हैं।

इस दौरान ‘सीलोन एस्टेट वर्कर्स एजुकेशन ट्रस्ट’ छात्रवृत्ति योजना को बढ़ाने की घोषणा भी की गई। इस योजना के तहत दी जाने वाली छात्रवृत्तियों की संख्या 350 से बढ़ाकर 700 की जा रही है और मासिक वजीफा ‘ए-लेवल’ के छात्रों के लिए 2,500 श्रीलंकाई रुपये (एलकेआर) तथा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए 7,500 एलकेआर किया जा रहा है।

राधाकृष्णन ने श्रीलंकाई तमिल और भारतीय मूल के तमिल दलों के नेताओं के साथ रविवार को बातचीत के दौरान घोषणा की कि ‘प्रवासी भारतीय नागरिक कार्ड’ का लाभ अब प्रवासी समुदाय की पांचवीं और छठी पीढ़ी को भी दिया जाएगा।

इससे विशेष रूप से भारतीय मूल के तमिल समुदाय को लाभ होने की उम्मीद है। अब तक यह सुविधा प्रवासी समुदाय की केवल चौथी पीढ़ी तक सीमित थी।

उपराष्ट्रपति ने भारतीय आवास परियोजना के तीसरे चरण के तहत सभी मकानों का निर्माण पूरा होने और उन्हें सौंपे जाने की भी घोषणा की।

तीसरे चरण के तहत श्रीलंका के मध्य प्रांत, ऊवा और दक्षिणी प्रांत के बागान क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए 4,000 मकानों के निर्माण का प्रावधान है।

तीसरे चरण के तहत 3,855 इकाइयां पहले ही सौंपी जा चुकी थीं और इस यात्रा के दौरान शेष 145 इकाइयां पूरी कर सौंप दी गईं। यह भारतीय आवास परियोजना की प्रगति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

करीब 15 वर्ष पहले घोषित इस परियोजना के लिए भारत की कुल प्रतिबद्धता लगभग 1,835 करोड़ रुपये की है।

यह श्रीलंका में अनुदान सहायता की प्रमुख परियोजना है और भारत के बाहर उसकी ऐसी सबसे बड़ी अनुदान सहायता परियोजना मानी जाती है।

इस परियोजना के तहत अब तक कम से कम 50,000 मकान पूरे किए जा चुके हैं और चौथै चरण में 10,000 मकानों का काम जारी है।

राधाकृष्णन और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने रविवार को भारत और इस द्वीप देश के बीच तेल पाइपलाइन के जरिये संपर्क स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की।

राधाकृष्णन और दिसानायके ने दोनों दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों के बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने, आवास परियोजनाओं तथा मछुआरों के मुद्दे पर सार्थक बातचीत की।

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