भारत के लिये सारे प्रारूप में खेलना वरदान है, चुनौती नहीं : सुंदर

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नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) भारत के हरफनमौला वॉशिंगटन सुंदर का मानना है कि क्रिकेट का कैलेंडर अति व्यस्त होने के कारण हर प्रारूप में खेलने वाले खिलाड़ी अब बिरले होते हैं लेकिन इस जमात का हिस्सा बनना खूबसूरत वरदान है, बड़ी चुनौती नहीं ।

भारत के लिये 2017 में पहली बार खेलने वाले सुंदर को कैरियर में कई बार चोटों का सामना करना पड़ा है । वह हालांकि पिछले 18 महीने से भारतीय टीम के नियमित सदस्य हैं ।

उन्होंने पीटीआई को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ भारतीय क्रिकेट के लिये हर प्रारूप खेलना बड़ा वरदान है । हम सभी को पता है कि भारतीय टीम हमेशा किस तरह का क्रिकेट खेलती है ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ तीनों प्रारूप में खेलने का सौभाग्य मुझे मिला और आगे भी मैं अपनी ओर से योगदान देकर भारत के लिये अधिक से अधिक मैच जीतना चाहूंगा ।’’

सुंदर ने टी20 विश्व कप में कुछ ही मैच खेले लेकिन टेस्ट क्रिकेट में अच्छा योगदान दिया है ।

आईपीएल में गुजरात टाइटंस के लिये खेल रहे सुंदर ने कहा कि उन्होंने पिछले कुछ समय में अपनी फिटनेस पर काफी काम किया है जिससे उन्हें विभिन्न प्रारूपों में नियमित मौके मिलते रहे हैं ।

उन्होंने कहा ,‘‘मुझे बहुत ज्यादा चुनौतियां नहीं दिखती । फिटनेस की बड़ी भूमिका है और आपको समझना होगा कि अलग अलग हालात में शरीर कैसे काम करता है ।’’

सीनियर आफ स्पिनर आर अश्विन के संन्यास के बाद उन्हें टेस्ट क्रिकेट में अधिक मौके मिलने लगे लेकिन छोटे प्रारूप में उन्हें बल्लेबाजी को निखारना पड़ा है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ आपको अलग अलग भूमिकाओं के लिये अलग तैयारी करनी पड़ती है और समझना होता है कि किस तरह के कौशल की जरूरत है और उसके हिसाब से काम करना पड़ता है ।’’

उन्हें दक्षिण अफ्रीका में अगले साल वनडे विश्व कप खेलने की उम्मीद है लेकिन सबसे बड़ा लक्ष्य भारत के लिये हर मैच जीतना है ।

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