उम्र बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। इसे रोकना तो मनुष्य के बस की बात नहीं पर इस प्रक्रिया की गति को धीमा अवश्य किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रतिदिन 20 मिनट की सैर, धूम्रपान का त्याग, रेशेदार भोजन, वसा का कम सेवन, व्यक्ति को चुस्त व फुर्तीला बनाए रखता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ, तनाव, ह्नदय रोग, मधुमेह, कैंसर, सांस की तकलीफ, आर्थराइटिस आदि की सम्भावना बढ़ने लगती है और इन सबसेे पीछा छुड़ाने के लिए जरूरी है ‘एक एक्टिव लाइफ’ की और यह एक्टिव लाइफ तभी हो सकती है जब हम खुद को चुस्त समझें और बढ़ती उम्र को अपने ऊपर हावी न होने दें।