बाहरी लोगों को गोवा का सांप्रदायिक सद्भाव नहीं बिगाड़ने देंगे : सावंत

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पणजी, 20 अप्रैल (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को कहा कि बाहरी लोगों को राज्य के सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

मुख्यमंत्री का यह बयान दक्षिणपंथी कार्यकर्ता गौतम खट्टर द्वारा गोवा के संरक्षक संत माने जाने वाले सेंट फ्रांसिस जेवियर के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से उपजे विवाद के बीच आया है।

यह विवाद उस समय खड़ा हुआ जब शनिवार शाम एक कार्यक्रम में सनातन महासंघ के संस्थापक खट्टर के संबोधन वाला वीडियो वायरल हुआ।

कार्यक्रम में स्वामी ब्रह्मेशानंद, राज्य परिवहन मंत्री मौविन गोडिन्हो और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक संकल्प अमोनकर और दाजी (कृष्ण) सालकर भी उपस्थित थे।

गोवा पुलिस ने सेंट फ्रांसिस जेवियर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी कर “धार्मिक भावनाएं आहत करने” के आरोप में खट्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

सेंट फ्रांसिस जेवियर के अवशेष ओल्ड गोवा स्थित बॉम जीसस चर्च में संरक्षित हैं।

सावंत ने संवाददाताओं से कहा कि गोवा में कार्यक्रमों को संबोधित करने के लिए आने वाले वक्ताओं को राज्य के सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना नहीं चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के आयोजकों की जिम्मेदारी है कि वे वक्ताओं का उचित मार्गदर्शन करें।

मुख्यमंत्री ने यह भी माना कि कार्यक्रम में मौजूद मंत्री मौविन गोडिन्हो को खट्टर की आपत्तिजनक टिप्पणियों को रोकने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए था।

हालांकि, उन्होंने गोडिन्हो के हस्तक्षेप नहीं करने पर कहा, “कभी-कभी तत्काल प्रतिक्रिया देना संभव नहीं होता।”

उन्होंने कहा कि खट्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) ने खट्टर की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि वह राज्य सरकार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों से ध्यान भटका रही है।

आप के प्रदेश अध्यक्ष वाल्मीकि नाइक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मडगांव में दक्षिण गोवा के पुलिस अधीक्षक संतोष देसाई से मुलाकात कर खट्टर के खिलाफ दर्ज अपनी शिकायत की स्थिति की जानकारी ली और मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

नाइक ने आरोप लगाया, “भाजपा की चुप्पी और निष्क्रियता से लगता है कि वह खट्टर के बयान का समर्थन कर रही है। यह सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश है, क्योंकि उन्हें 2027 के चुनावों से पहले अपनी जमीन खिसकती नजर आ रही है।”

आप के वरिष्ठ नेता संदेश तेलीकर देसाई ने गोडिन्हो के इस्तीफे की मांग की और भाजपा विधायक कृष्ण सालकर तथा संकल्प अमोणकर से इस घटना पर सार्वजनिक माफी मांगने को कहा।

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