महाराजगंज (उप्र), 20 अप्रैल (भाषा) विपक्षी दलों पर महिलाओं से संबंधित विधेयक रोकने का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में समावेशी लोकतंत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है।
उन्होंने यहां प्रेसवार्ता में समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने के केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश की आधी आबादी, माताओं और बहनों को नीति निर्माण में उनका अधिकार दिलाने के उद्देश्य से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का ऐतिहासिक विधेयक पेश किया था।
चौधरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य घटकों ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने दिया, जिससे उनके असली इरादे उजागर हो गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां केवल महिला आरक्षण का समर्थन करने का दिखावा करती हैं, पर सच्चाई में महिलाओं को अधिकार देने के पक्ष में नहीं हैं।
उन्होंने सपा, कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों पर महिला विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति करते हुए इन पार्टियों ने 20 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं का बहाना बनाकर शेष 80 प्रतिशत महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है।
उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है और भाजपा हमेशा संविधान की गरिमा का पालन करती है।
चौधरी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘इंडिया’ गठबंधन को “महिला-विरोधी गठबंधन” बताया एवं कहा कि यह गठबंधन रूढ़िवादी सोच से ग्रस्त है और महिलाओं को घर की चारदीवारी में ही कैद रखना चाहता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने हमेशा महिला आरक्षण को रोकने, बाधा डालने और भटकाने का काम किया है।
चौधरी ने बताया कि आज संसद में 75 महिलाएं हैं, जो कुल सांसदों का 15 प्रतिशत है लेकिन मोदी सरकार विधेयक से इसे 33 प्रतिशत से आगे ले जाना चाहती थी।