नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी एचपीसीएल ने मंगलवार को कहा कि नवनिर्मित राजस्थान रिफाइनरी में आग लगने से वित्तीय या परिचालन प्रदर्शन पर कोई बड़ा असर पड़ने की आशंका नहीं है और सभी इकाइयां संरचनात्मक रूप से सुरक्षित हैं।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि 20 अप्रैल को कच्चे तेल की डिस्टिलेशन इकाई में आग लग गई थी। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि हीट एक्सचेंजर सर्किट में किसी वाल्व या फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन का रिसाव होने से यह हादसा हुआ।
एचपीसीएल के मुताबिक, आग हीट एक्सचेंजर तक ही सीमित रही और वहां मौजूद आपातकालीन टीम ने जल्द ही इस पर काबू पा लिया। इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है।
हालांकि एहतियात के तौर पर कच्चा तेल डिस्टिलेशन इकाई, वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (वीडीयू) और उससे जुड़े अन्य हिस्सों को अलग कर दिया गया।
कंपनी ने कहा कि रिफाइनरी के किसी अन्य हिस्से पर इस घटना का असर नहीं पड़ा है।
एचपीसीएल ने बताया कि घटना के कारणों की जांच के लिए आंतरिक और बाहरी विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है और जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच, एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के संयुक्त उद्यम में संचालित रिफाइनरी के 21 अप्रैल को प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को करना था लेकिन अब इसके लिए नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी।
करीब 79,450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह रिफाइनरी परियोजना राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित है और एक जुलाई से इसका वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था।
यह रिफाइनरी 90 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता वाली रिफाइनरी-सह-पेट्रोरसायन परिसर है जिसमें पेट्रोरसायन उत्पादन पर विशेष जोर दिया गया है। परियोजना का उद्देश्य उच्च मूल्य वाले उत्पादों का उत्पादन बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है।