सर्दी की चपेट में आने पर

नजला जुकाम या सर्दी लग जाने पर, थोड़ा बुखार और शरीर दर्द होने पर एस्प्रिन लें जिससे शरीर दर्द को आराम मिलेगा।


पैरों को गर्म पानी में थोड़ी देर रखने से आराम मिलता है।
विटामिन ‘सी‘ का सेवन करें। जो लोग किडनी या ब्लैडर रोग से ग्रस्त हैं, उन्हें विटामिन ‘सी‘ अपने आप नहीं लेना चाहिए।


चाय में अदरक और तुलसी की पत्तियां पीस कर डालें।
लौंग को ताजे अदरक के साथ चूसने से रूका हुआ जुकाम निकलता है।
गले की खराश को कम करने के लिए हर्बल गले को राहत पहुंचाने वाली गोलियों को चूसने से खराश और खांसी कम होती है।


रात्रि में या घर के अंदर रहने पर छाती, पीठ, नाक के आसपास विक्स वेपोरब या यूक्लिप्टस तेल की हल्के हाथों से मालिश करें और शरीर को गर्म रखें। एक दो दिन का आराम लेने से नजला जुकाम जल्दी ठीक हो होता है और शरीर की जकड़न में भी राहत मिलती है।
तरल पेय का सेवन अधिक करें जैसे ताजी सब्जियों का सूप, गुनगुना पानी, चाय आदि लें जिससे रेशा पतला होकर बाहर निकलता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होती।
जिन लोगों को सांस की तकलीफ हो, उन्हें लम्बे सांस लेकर प्राणायाम करना चाहिए जिससे रेशा अंदर नसों में जमने न पाये और सांस लेने में तकलीफ न हो।


साधारण जुकाम खांसी में होम्योपैथी दवा असरदार रहती है।
एन्टीबायोटिक अपनी मर्जी से न लें।


खांसी-जुकाम से पीड़ित लोग स्वस्थ लोगों से दूरी बनाये रखें जिससे वायरस न फैले।
सर्दी जुकाम पर बिल्कुल भी ध्यान न देने से यह बिगड़ कर कभी-कभी निमोनिया का रूप भी ले लेता है इसलिए थोड़ी सी तकलीफ होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
साइनस, सांस से पीड़ित रोगियों डॉक्टर की निगरानी में दवा का सेवन करना चाहिए।
अपने आप को धूल, मिट्टी से बचा कर रखें।