मेथी का सेवन प्रायः हर घर में किया जाता है। इसका प्रयोग सब्जी के रूप, में परांठे व पकौड़े बनाने में किया जाता है। सर्दियों में तो मेथी उपलब्ध होती है पर गर्मियों में भी जब इसका मौसम नहीं होता, तब भी बाजार में यह अपने सूखे रूप में उपलब्ध होती है। मेथी भोजन के स्वाद को तो बढ़ाती ही है पर अपने औषधीय गुणों में भी यह सर्वोपरि है। सांस संबंधी बीमारियों जैसे ब्रोंकाइटिस, इन्फ्लुएंजा, साइनस, सर्दी लगना, जुकाम व खांसी में मेथी फायदेमंद है। ज्वर होने पर भी इसका सेवन फायदेमंद है। जो लोग आयरन का सेवन इस कारण नहीं कर पाते कि उसको पचाना आसान नहीं, वे भी मेथी के सेवन से आयरन जैसे स्रोत को पा सकते हैं क्योंकि मेथी आयरन का प्राकृतिक व आसानी से पचने वाला स्रोत है। यही नहीं, दर्दों में भी मेथी का सेवन लाभ पहुंचाता है। बच्चे के जन्म के उपरांत भी महिला को मेथी के लडडू आदि का सेवन कराया जाता है ताकि उसे पीठ दर्द आदि न हो। मेथी के पत्तों का सेवन कई प्रकार की एलर्जी से भी मुक्ति दिलाता है। सौंदर्य बढ़ाने में भी मेथी अपने गुणों में भरपूर है। डैंड्रफ या रूसी से छुटकारा पाने के लिए मेथी के दानों के पेस्ट का प्रयोग किया जाता है। 2 चम्मच मेथी दाने को थोड़े से पानी में रात भर भिगोएं और सुबह इसका पेस्ट बना लें। इन पेस्ट को खोपड़ी पर लगाएं और आधे घंटे पश्चात सिर धो लें। सप्ताह में 1-2 बार ऐसा करें। कुछ ही समय में रूसी से छुटकारा पा लेंगे। मेथी का पेस्ट चेहरे पर लगाने से मुंहासों व ब्लैकहैड्स से भी छुटकारा मिलता है साथ ही कांप्लेक्शन में भी सुधार आता है। जावा में तो इसका प्रयोग कई सौंदर्य प्रसाधनों व कास्मेटिक्स को बनाने में किया जाता है। मधुमेह में रोगियों को भी मेथी के सेवन में लाभ मिलता है। नवीनतम शोधों के अनुसार प्रतिदिन मेथी के दानों की 25 ग्राम मात्रा मधुमेह नियंत्राण में लाभ देती है पर साथ ही विशेषज्ञों का मानना है कि मेथी के सेवन का यह अर्थ नहीं कि रोगी अपनी डाइट पर नियंत्रण न रखे और केवल मेथी के सेवन से ही वह अपने रोग पर नियंत्रण पा लेगा। मेथी के सेवन से आपको एसिडिटी हो रही है तो मेथी के पत्तों को पानी से अच्छी तरह से साफ करके इसमें थोड़ा सा नमक मिला 15 मिनट रख दें और फिर पानी निचोड़ने के बाद इसे सामान्य तरीके से पकाएं।