कई युवाओं की यह धारणा है कि धूम्रपान से व्यक्ति पतला हो जाता है, इसलिए टीनएजर्स में भी स्लिम दिखने के चक्कर में यह लत बढ़ती जा रही है। लंदन में यूनिवर्सिटी कालेज के विशेषज्ञों ने युवा वर्ग की इस धारणा को बिलकुल गलत सिद्ध किया है। इन विशेषज्ञों ने अपनी एक रिसर्च के दौरान 11-16 वर्ष के टीनएजर्स के वजन में कोई परिवर्तन नहीं पाया चाहे वे धूम्रपान करते थे या नहीं अर्थात धूम्रपान ने उनके वजन को प्रभावित नहीं किया। कई अध्ययनों से यह भी सामने आया है कि अगर व्यक्ति लंबे समय तक धूम्रपान करता है तो उसके मोटे होने की संभावना बढ़ती है। यही नहीं, फेफड़ों के कैंसर, पक्षाघात, हृदय रोग होने की संभावना भी बढ़ जाती है। निकोटिन के कारण व्यक्ति की भूख मर जाती है पर अगर निकोटिन छोड़ दी जाए अर्थात अगर धूम्रपान करने वाला व्यक्ति धूम्रपान छोड़ दे तो धीरे-धीरे उसकी भूख सामान्य हो जाती है। इसीलिए धूम्रपान करके छोड़ने वाले व्यक्ति का वजन बढ़ने की संभावना अधिक होती है उस व्यक्ति की तुलना में जिसने कभी भी धूम्रपान न किया हो। इसलिए वजन नियंत्राण के लिए धूम्रपान करना आपको भविष्य में रोगों का शिकार बना सकता है।