कोलकाता, पांच फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए दृढ़ता से खड़ी रही है तथा सर्वांगीण विकास के लिए मजबूत और समावेशी वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बजट सत्र की शुरुआत में लेखानुदान से पहले, अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने चुनौतियों का सामना करने और निराशावाद को खारिज करने के लिए राज्य सरकार की तारीफ की।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक अस्थिरता और जलवायु चुनौतियों के समय में, मेरी सरकार हमारे लोगों के लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए दृढ़ता से खड़ी है।’’
राज्यपाल ने लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों की रक्षा पर ऐसे समय में जोर दिया है, जब राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लागू करने को लेकर विवाद जारी है।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया से बड़े पैमाने पर पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर किया जा सकता है, जबकि निर्वाचन आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का मकसद चुनाव प्रणाली में अधिक पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कोलकाता को लगातार ‘भारत का सबसे सुरक्षित शहर’ का दर्जा मिलने के लिए राज्य सरकार की तारीफ की।
राज्यपाल ने रोजगार के नये अवसर सृजित करने के मकसद से व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई पहल करने को लेकर भी सरकार की तारीफ की।
उन्होंने कहा, ‘‘छह नये आर्थिक गलियारे और ताजपुर बंदरगाह एक बड़ी जीवनरेखा होंगे और समुद्री परिवहन को बहुत बढ़ावा देंगे।’’
हालांकि, राज्यपाल का अभिभाषण शोरगुल के बीच खत्म हुआ, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी द्वारा उन्हें औपचारिक रूप से विधानसभा से बाहर ले जाते समय सत्ता पक्ष के सदस्यों ने ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाए, जबकि विपक्षी विधायकों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए।