नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होने का संकेत देते हुए सदन में मंगलवार दोपहर केंद्रीय बजट पर चर्चा शुरू हो गई।
पिछले कुछ दिन से बजट पर चर्चा विपक्ष की इस मांग की वजह से शुरू नहीं हो पा रही थी कि इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को कुछ मुद्दों पर बोलने दिया जाए।
दो बार के स्थगन के बाद जब बैठक 2 बजे शुरू हुई तो पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कांग्रेस सदस्य शशि थरूर का नाम बजट पर चर्चा की शुरुआत के लिए पुकारा। इसके बाद केरल के तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य थरूर ने बजट पर अपना भाषण दिया।
इससे पहले विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा महासचिव को सौंपा और बिरला पर पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन संचालित करने, कांग्रेस सदस्यों पर झूठे इल्जाम लगाने तथा अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
सूत्रों के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महासचिव उत्पल कुमार सिंह को निर्देश दिया कि नोटिस की जांच शुरू की जाए।
विपक्षी दलों द्वारा लोकसभा महासचिव को यह नोटिस दिए जाने के बाद चर्चा सामान्य तरीके से शुरू हो गई।
लोकसभा में दो फरवरी से गतिरोध की स्थिति बनी हुई थी। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा विषय उठाने की अनुमति नहीं मिलने, सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने तथा अन्य मुद्दों को लेकर सदन में कामकाज नहीं हो पा रहा था।
विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में चर्चा का जवाब नहीं दे सके। एक अभूतपूर्व कदम के तहत पांच फरवरी को प्रधानमंत्री के परंपरागत भाषण के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर सुनाया, जिसे विपक्षी सदस्यों के नारेबाजी के बीच ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
बिरला ने यह भी कहा था कि उन्हें ठोस जानकारी मिली थी कि कई कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री मोदी की सीट तक पहुंचकर कोई ‘‘अप्रत्याशित कदम’’ उठा सकते हैं, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री से सदन में आकर संबोधन न देने का आग्रह किया था।