नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) यह देखते हुए कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) अपने कर्तव्य में विफल हो रहा है, उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को यातायात जाम को कम करने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर स्थित टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद करने या स्थानांतरित करने के मुद्दे पर दो महीने का स्थगन मांगने के लिए केंद्रीय प्रदूषण निगरानी निकाय को फटकार लगाई।
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को दो सप्ताह के भीतर विशेषज्ञों की बैठक बुलाने और बिगड़ते प्रदूषण के प्रमुख कारणों पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
पीठ ने कहा, ‘‘क्या आप प्रदूषण के कारणों की पहचान कर पाए हैं? इन दिनों सार्वजनिक क्षेत्र में बहुत सारी सामग्री आ रही है, विशेषज्ञ लेख लिख रहे हैं, लोगों की राय आ रही है, वे हमें ईमेल के माध्यम से जानकारी भेजते रहते हैं…।’’
पीठ ने कहा, ‘‘भारी वाहन इसमें बड़ा योगदान दे रहे हैं, इसलिए पहला सवाल यह है कि हम इसका समाधान कैसे करें… दो जनवरी को बैठक बुलाना और हमसे कहना कि हम दो महीने बाद आएंगे, यह हमें स्वीकार्य नहीं है। सीएक्यूएम अपने कर्तव्य के पालन में विफल हो रहा है।’’
उच्चतम न्यायालय ने सीएक्यूएम को चरणबद्ध तरीके से दीर्घकालिक समाधानों पर विचार करना शुरू करने और विभिन्न हितधारकों के रुख से अप्रभावित रहते हुए टोल प्लाजा के मुद्दे पर विचार करने का निर्देश दिया।