दवाइयों से जुड़ीं कुछ मोटी बातें

हम खुद को जितना भी स्वस्थ समझें, यथार्थ तो यह है कि हमारे पास छोटी या बड़ी दवाइयां ढेरों रहती ही हैं। दवाइयां हमें जीवन देती हैं। हमारे प्राणों की रक्षा करती हैं और हमें तकलीफों से निजात दिलाती हैं। दवाइयों के बारे में नीचे की ये बातें ध्यान में रखनी चाहिए।


* अगर आपके चिकित्सक ने सिरप लिखकर दिया है तो आपको चाहिए कि आप उसे हिफाजत से पिएं व हिफाजत से रखें। सिरप पीने के बाद उसके ढंकन को अच्छी तरह से बंद कर साफ भीगे कपड़े से शीशी या बोतल को पोंछ देना चाहिए। फिर डॉक्टर के बताए तापमान पर रखना चाहिए। बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए।


* यदि आपके पास इंजेक्शन की दवाई या सुई रखी हुई है तो उसे सुरक्षित जगह पर रखना चाहिए। आपके डॉक्टर के आने पर ही निकालना चाहिए। वर्ना बच्चे डॉक्टर-डॉक्टर खेलने के चक्कर में अनर्थ ही कर डालेंगे।


* अगर आपके पास गोलियां हों तो उन्हें एक साथ न मिलाकर अलग-अलग लिफाफों में रखना चाहिए। लिफाफों पर दवा का विवरण लिखना चाहिए। अगर गोलियां शीशी में दी गईं हों तो उन्हें रुई से ढंककर ढक्कन लगाना चाहिए। बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए।


* दवाई कोई भी हो, उस पर लिखी गई एक्सपायरी डेट का जरूर ख्याल रखना चाहिए। अगर किसी भी दवा की एक्सपायरी डेट समाप्त हो गई हो तो उस दवा को गाड़ देना चाहिए या घोलकर नाली में बहा देना चाहिए।


* अगर मरीज के चल बसने, दवा बदल जाने, दवा की आवश्यकता न होने की स्थिति में आपके पास बहुत सारी दवाइयां रह जाती हों तो किसी अस्पताल में दवाई-डिब्बे में डाल देना चाहिए या काउंटर पर जमा करवा देना चाहिए।