दोपहर के समय तेज धूप में पसीने से तरबतर होने पर भी पानी पी लिया तो सुबह शाम ठंडी हवा के झोंके से खांसी जुकाम की शिकायत हो गई। कभी चाय पी कर ठंडा पी लिया, कभी लस्सी के बाद कॉफी, कभी ठंडे पानी से नहा लिए तो कभी गर्म पानी से। बदलते मौसम में लोग सेहत के प्रति लापरवाह हो जाते हैं। यह बेपरवाही स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकती है। बदलते मौसम और लापरवाही ने हर शहर में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, उल्टी व दस्त जैसी बीमारियों को न्यौता दे दिया है। इन दिनों हर घर में कोई न कोई बीमार पड़ा है। कहीं उल्टी-दस्त तो कहीं बुखार, कोई सर्दी जुकाम से परेशान तो कोई इस तपती धूप में सिर दर्द से बेचैन है। क्या करें ऐसे में। ये न करें:- चाय-कॉफी या गर्म चीजों का उपयोग कम करें। तंग कपड़े न पहनें। तेज गर्मी में बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें। तली हुई चीजों का सेवन कम करें। पसीने में पानी न पिएं। पंखा तेज न चलाएं। चाय पर ठंडा न पिएं। ठंडे पर चाय काफी न पियें क्या करें:- खाने-पीने की चीजों का ख्याल रखें। ठंड पेय पदार्थ जूस, कोल्ड ड्रिंक व शिकंजी का उपयोग ज्यादा करें। गर्मी में शरीर में पानी की खपत ज्यादा होती है इसलिए खूब पानी पिएं। घर से बाहर निकलते समय चेहरे को ढक कर रखें। धूप से बचाव के लिए चश्मे व कैप का प्रयोग करें। जब ज्यादा पसीना हो तो उसी समय पानी न पिएं। पसीना सूखने दें व थोड़ी देर बाद पानी पिएं। सूती वस्त्रों का उपयोग करें, जो आरामदेह हों रात को सोते समय अगर थोड़ी ठंडक लगे तो खेस या चादर ओढ़ें। फिलहाल छत पर न सोएं। क्या है चिकित्सकीय नजरिया। इसलिए सुबह-शाम थोड़ी सी ठंड लगे तो हल्के फुल्के गर्म कपड़े पहन लेने चाहिए। चश्मा लगाएं जो अच्छी गुणवत्ता व सूर्य की किरणों से सुरक्षा देने वाला हो। थोड़ी सी सर्दी व जुकाम में बेवजह दवाइयां न लें। अगर एलर्जिक बुखार व गले, नाक, कान व आंखों में खुजली या जलन हो तो हल्के गुनगुने पानी में नमक डाल कर गरारे करें। गले की खराश व खुजली से राहत मिल जाएगी। ज्यादा परेशानी होने पर चिकित्सक की राय लेकर ही दवाइयां लें।