आंखे हमारे व्यक्तित्व का आईना हैं। वैसे तो शरीर के सभी अंग महत्वपूर्ण हैं पर आंखें भगवान की दी हुई वो नियामत हैं जिसके बिना कुछ होते हुए भी कुछ नहीं हैं इसलिए इस अनमोल नियामत की देखभाल बहुत आवश्यक है। आंखों की देखभाल व सुरक्षा के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखें- अपनी आंखों को प्रतिदिन स्वच्छ जल से 4-5 बार साफ करें। इससे आंखों में धूल, मिट्टी के कण साफ हो जाएंगे और आंखें साफ रहेंगी। आंखों को बहुत थकाएं नहीं। लगातार पढ़ते समय, टी वी देखते समय कम्प्यूटर पर काम करते समय बीच-बीच में आंखों को विश्राम दें। प्रायः पोषक तत्वों की कमी व आंखों पर अधिक जोर पड़ने या किसी बीमारी के कारण आंखों के नीचे काले स्याह घेरे पड़ जाते हैं जो आंखों के सौंदर्य को नुकसान पहुंचाते है। इनसे सुरक्षा के लिए पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें। बादाम या जैतून के तेल को आंखों के चारों तरफ लगाएं। इससे काले घेरे कम होंगे। आंखों को प्रतिदिन आराम की आवश्यकता होती है और यह आराम अच्छी नींद से मिलता है। इसलिए प्रतिदिन 8-10 घंटे की नींद अवश्य लें। टी. वी देखते समय या कम्प्यूटर पर कार्य करते समय बीच-बीच में कुछ अंतराल अवश्य दें अर्थात लगातार इन्हें न देखें। इससे आंखों पर जोर पड़ता है। एकटक देखने पर आंखें अधिक श्रम करती हैं इसलिए बीच-बीच में आंख झपकाते रहें। अगर आप कांटेक्ट लैंस पहनते हैं तो उन्हंे साफ करते रहें। किसी दूसरे व्यक्ति के कांटेक्ट लैंस कभी भी न पहनें और न ही किसी दूसरे व्यक्ति का चश्मा पहनें। इससे आंखों में इंफेक्शन हो सकता है। डिस्पोजेबल कांटेक्ट लैंस एक्सपायरी होने पर बदल लें। कभी भी चलते वाहन बस, कार में बैठकर न पढ़ें। पर्याप्त रोशनी में ही पढ़ें। पढ़ते समय आंखों और किताब के बीच भी पर्याप्त दूरी बनाकर रखें। पढ़ते समय रोशनी पीछे की ओर से या साइड से पड़नी चाहिए। आंखों पर सीधे रोशनी न पड़ने दें। सूर्य की अल्ट्रावायलट किरणों से आंखों को बचाएं। ये आंखों को नुकसान पहुंचाती हैं इसलिए धूप में बाहर जाते समय सनग्लासिस का प्रयोग करें। स्वीमिंग करते समय स्वीमिंग गागल्स अवश्य पहनें। पानी में मिली क्लोरीन आंखों में जा सकती है। प्रतिदिन आंखों में गुलाब जल की कुछ बूंदें डालें।