घरेलू विमानों के लिए एटीएफ की कीमत 8.5 प्रतिशत बढ़ी, अन्य के लिए दोगुनी से अधिक

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नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) वैश्विक तेल कीमतों में उछाल के कारण विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) या विमान ईंधन की कीमत बुधवार को बढ़ाकर रिकॉर्ड 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से अधिक कर दी गई। हालांकि, घरेलू विमानन कंपनियों के लिए केवल 8.5 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है।

घरेलू विमानन कंपनियों को अन्य संचालकों की तुलना में करीब आधी कीमत चुकानी होगी। गैर-निर्धारित (नॉन-शेड्यूल्ड), तदर्थ (एडहॉक) और ‘चार्टर’ जैसी अन्य उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमत 1,10,703.08 रुपये प्रति किलोलीटर से 114.5 प्रतिशत बढ़ाकर 2,07,341.22 रुपये प्रति किलोलीटर की गई है।

विमानन ईंधन की कीमतें दो दशक से अधिक समय पहले नियंत्रण मुक्त कर दी गई थी और तब से इन्हें अंतरराष्ट्रीय मानक कीमतों के अनुरूप तय किया जाता है।

पश्चिम एशिया युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल को देखते हुए सरकार एवं सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने संतुलित बढ़ोतरी का तरीका अपनाया है।

सूत्रों के अनुसार, विदेशी विमानन कंपनियों और अन्य संचालकों को बाजार आधारित पूरी कीमत देनी होगी, जबकि घरेलू विमानन कंपनियों के लिए कीमतों को नियंत्रित रखा गया है ताकि घरेलू हवाई यात्रा महंगी न हो।

यह पहला मौका है जब एटीएफ की कीमत दो लाख रुपये प्रति किलोलीटर के स्तर को पार कर गई है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कीमतें बढ़कर करीब 1.1 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के स्तर पर पहुंची थीं।

एटीएफ कीमतों में एक मार्च को 5.7 प्रतिशत (5,244.75 रुपये प्रति किलोलीटर) की बढ़ोतरी की गई थी।

ईंधन की कीमतों में यह उछाल विमानन कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव डालेगा क्योंकि कुल परिचालन लागत में ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत रहती है। साथ ही पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कई हवाई मार्ग बंद होने से विमानों को लंबे रास्तों से उड़ान भरनी पड़ रही है जिससे ईंधन की खपत भी बढ़ रही है।

इसी के साथ 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक सिलेंडर (होटल-रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाला) की कीमत भी 195.50 रुपये बढ़ा दी गई है। दिल्ली में अब इसकी कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है।

घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) की कीमत में हालांकि कोई बदलाव नहीं किया गया है और दिल्ली में यह 913 रुपये प्रति सिलेंडर बनी हुई है।

सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अंतरराष्ट्रीय मानकों एवं विनिमय दर के आधार पर हर महीने की पहली तारीख को विमानन ईंधन तथा एलपीजी (द्रवित पेट्रोलियम गैस) की कीमतों की समीक्षा करती हैं।

पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाओं में व्यवधान से वैश्विक तेल कीमतों में करीब 50 प्रतिशत तक उछाल आ चुका है। वहीं पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछले वर्ष मार्च में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती के बाद से स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर है।

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