नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को कहा कि सरकार ने पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच बाहरी जोखिमों को कम करने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं।
लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में चौधरी ने कहा कि सरकार पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के आर्थिक असर की लगातार समीक्षा कर रही है और जरूरत के हिसाब से तुरंत सुधार और सुविधा के उपाय कर रही है।
उन्होंने कहा कि आपूर्ति शृंखला, पेट्रोल-डीज़ल, उर्वरक, गैस और महंगाई पर तेज़ी से और दूरगामी कार्रवाई करने के लिए सात नए अधिकार प्राप्त समूह समूह बनाए गए हैं।
पश्चिम एशिया संकट के कारण जीडीपी विकास और विदेशी निवेश पर किस हद तक असर पड़ने की संभावना है, इस प्रश्न के लिखित उत्तर में चौधरी ने कहा, ‘‘चल रहे संघर्ष का कुल असर बदलती वैश्विक स्थिति पर निर्भर करेगा, जिसमें संघर्ष का समय और तीव्रता भी शामिल है।’’
उन्होंने इस संकट से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को गिनाया, जिसमें बाहरी क्षेत्र की अस्थिरता का प्रबंधन करने के उपाय शामिल हैं।
चौधरी ने कहा, ‘‘आपूर्ति शृंखला पर बारीकी से नजर रखी जा रही है, जिसे व्यापार सुगमता उपायों और समन्वित अंतर-मंत्रालयीन कार्रवाई से समर्थन मिल रहा है। इन उपायों का मकसद बाहरी जोखिम को कम करना और ‘मैक्रोइकोनॉमिक’ स्थिरता बनाए रखना है।’’