नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि राजस्थान के उदयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नये टर्मिनल भवन का इस वर्ष ही उद्घाटन किया जाएगा और शहर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए एयरलाइनों के साथ बातचीत की जा रही है।
प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के जवाब में नायडू ने कहा कि उदयपुर में नया टर्मिनल निर्माणाधीन है और इसे शीघ्र पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्घाटन इसी साल किया जाएगा और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू करने के लिए एयरलाइंस के साथ बातचीत जारी है।
भाजपा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने जानना चाहा था कि उदयपुर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कब शुरू होंगी।
नायडू ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार के दौरान भारतीय विमानन क्षेत्र ने मजबूत प्रगति देखी है। उन्होंने बताया कि हवाई अड्डों और विमानों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, जिससे यात्री संख्या में भी वृद्धि हुई है। इस वृद्धि के कारण विमानन क्षेत्र में और अधिक कार्यबल की आवश्यकता पैदा हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले 4-5 वर्षों में क्षमता निर्माण के लिए कई कदम उठाए हैं।
एक लिखित उत्तर में नायडू ने कहा, ‘‘एयरपोर्ट ग्राउंड हैंडलिंग और संबंधित परिचालन क्षेत्रों में प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्य ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों द्वारा उनकी परिचालन संबंधी जरूरतों के तहत किए जाते हैं।’’
ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों द्वारा कर्मियों की भर्ती की जाती है और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिसमें कक्षा आधारित प्रशिक्षण, ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण और समय-समय पर रिफ्रेशर कार्यक्रम शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि प्रशिक्षण पहल में यात्रियों के प्रबंधन, सामान प्रबंधन, रैम्प ऑपरेशन, सुरक्षा प्रक्रियाओं, आपातकालीन प्रतिक्रिया, ग्राहक सेवा और विशेष उपकरण संचालन जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं।
नायडू ने कहा कि ये कार्यक्रम व्यापक सरकारी कौशल विकास नीतियों के अनुरूप हैं और समय-समय पर क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार लागू किए जाते हैं। प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण गतिविधियां एयरलाइंस, प्रशिक्षण संस्थानों और हवाई अड्डा संचालन से जुड़े अन्य सेवा प्रदाताओं के सहयोग से भी संचालित की जाती हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम देशभर में परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर आयोजित किए जाते हैं, ताकि विमानन क्षेत्र में कुशल कार्यबल सुनिश्चित किया जा सके।