नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में चिकित्सकों और बिस्तरों की कमी की वजह से मरीजों को परेशानी होने का दावा करते हुए कांग्रेस सदस्य फूलो देवी नेताम ने मंगलवार को सरकार से इस समस्या का अविलंब समाधान निकालने का अनुरोध किया।
उच्च सदन में शून्यकाल में फूलो देवी ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलना एक तरह से इलाज न होने के समान है और रायपुर के एम्स का यही हाल है जहां चिकित्सकों, नर्सों, तकनीशियनों, सहायक कर्मियों की कमी और बिस्तरों की किल्लत का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है।
उन्होंने कहा ‘‘इन समस्याओं की वजह से, गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों का समय पर इलाज नहीं हो पाता।’’ उन्होंने कहा कि यह मरीजों पर दोहरी मार है।
कांग्रेस सदस्य ने कहा कि एम्स में चिकित्सकों के 305 पद स्वीकृत हैं लेकिन 190 चिकित्सक ही कार्यरत हैं और उनके 115 पद खाली हैं। उन्होंने दावा किया कि सबसे अधिक पद कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और सर्जरी विभाग में रिक्त हैं।
उन्होंने कहा कि इसी तरह नर्स, तकनीशियन एवं प्रशासनिक विभाग में 3884 पद स्वीकृत हैं, लेकिन 2387 कर्मी कार्यरत हैं और कुल 1499 पद रिक्त पड़े हैं।
फूलो देवी ने कहा कि चिकित्सकों और सहायक कर्मियों की कमी की वजह से ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लगती है और जांच में भी विलंब हो रहा है।
कांग्रेस सदस्य ने सरकार से मांग की कि रायपुर स्थित एम्स में रिक्त पदों पर अविलंब भर्ती की जाए और अस्पताल में मरीजों के लिए बिस्तरों की भी संख्या बढ़ाई जाए।