वेलिंगटन, 23 मार्च (एपी) अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने सोमवार को कहा कि ईरान युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने ‘‘बहुत बड़ा खतरा’’ खड़ा हो गया है।
उन्होंने सोमवार को ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में नेशनल प्रेस क्लब को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अगर यह संकट यूं ही आगे बढ़ता रहा, तो कोई भी देश इसके प्रभाव से अछूता नहीं रहेगा।’’
बिरोल ने कहा कि पश्चिम एशिया का यह संकट 1970 के दशक के दो तेल संकटों और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान गैस बाजारों पर पड़े प्रभाव से भी अधिक गंभीर असर डाल रहा है।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है, जब तेहरान पर सोमवार तड़के इजराइल ने हमलों की बौछार शुरू की।
इस बीच, एक वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य कमांडर ने ईरान के लोगों से फिलहाल शरणस्थलों में रहने को कहा है जबकि ईरान ने अपने खाड़ी पड़ोसी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं और उनके बिजली संयंत्रों को निशाना बनाने की धमकी दी है।
बिरोल ने बताया कि इस पूरे क्षेत्र में नौ देशों के 40 ऊर्जा प्रतिष्ठान ‘‘गंभीर या बेहद गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त’’ हो चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वह यूरोप और एशिया की सरकारों के साथ तेल भंडार को मुहैया करने की संभावना पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम बाजार की स्थिति पर नजर रखेंगे। अगर आवश्यकता पड़ी, तो हम निश्चित रूप से कदम उठाएंगे, लेकिन पहले हम हालात का विश्लेषण करेंगे और सदस्य देशों के साथ चर्चा करेंगे।’’