पटना, 21 मार्च (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अपने पिता की पंरपरा को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को ईद के अवसर पर यहां ऐतिहासिक गांधी मैदान पहुंचे जहां नमाज अदा करने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे थे।
नीतीश कुमार गांधी मैदान नहीं पहुंचे, जिनके राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़ने की संभावना है।
सुबह की हल्की बारिश के बीच लोगों ने वहां नमाज अदा की।
नीतीश ने शहर के कई ‘खानकाहों’ (सूफी मठों) का दौरा कर समुदाय के नेताओं को ईद की मुबारकबाद दी और त्योहार पर बने व्यंजनों का लुत्फ उठाया।
गांधी मैदान में नमाजियों ने 44 वर्षीय निशांत का गर्मजोशी से स्वागत किया। हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले निशांत करीब दो हफ्ते पहले अपने पिता की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में शामिल हुए।
आमतौर पर कम बोलने वाले निशांत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘मैं माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से बिहार और पूरे देश के लोगों को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। अल्लाह हम सभी पर अपनी बरकत बनाए रखें।’’
गांधी मैदान में नमाज अदा करने वालों के बीच जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और नीतीश कुमार सरकार के प्रभावशाली मंत्रियों में से एक अशोक चौधरी भी मौजूद थे।
चौधरी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘यह देखकर अच्छा लगा कि निशांत अपने पिता के पदचिह्नों पर चल रहे हैं, जिन्होंने सभी धर्मों के लोगों को समान सम्मान दिया है। मैं एक किस्सा साझा करना चाहूंगा। 350वें प्रकाश पर्व के बाद, जो पटना में गुरु गोबिंद सिंह के जन्मस्थान पर भव्य रूप से मनाया गया था, मैं मुख्यमंत्री के साथ पंजाब दौरे पर गया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सिख समुदाय मुख्यमंत्री के इस सम्मान से इतना प्रभावित हुआ कि जब हम लुधियाना के एक गुरुद्वारे गए, तो उन्होंने उनका हाथ पकड़कर चूम लिया। ऐसा सम्मान वे आमतौर पर किसी संत-महात्मा के लिए ही दिखाते हैं। यही हमारे नेता का कद दर्शाता है।’