नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने असम से पार्टी के लोकसभा सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे को बुधवार को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कहा कि वह एक सीट पर टिकट को लेकर नाराज थे तथा उनसे बातचीत का मौका नहीं मिला।
असम में विधानसभा चुनाव से महज 20 दिन पहले कांग्रेस को झटका देते हुए लोकसभा सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया और बुधवार को औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए।
कांग्रेस महासचिव और केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य प्रियंका गांधी वाद्रा ने संसद परिसर में इस बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है, मुझे लगता है कि वह एक टिकट आवंटन से नाराज थे, काश हमें इस बारे में बातचीत करने का मौका मिलता। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।’’
प्रियंका गांधी असम चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम तय करने संबंधी ‘स्क्रीनिंग कमेटी’ की अध्यक्ष भी हैं।
उन्होंने बोरदोलोई और असम के अन्य नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘विचारधारा भी मायने रखती है।’’
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि पार्टी बोरदोलोई को अपना फैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश करेगी। बोरदोलोई असम की नगांव लोकसभा सीट से सांसद हैं।
मसूद ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि उन्होंने 65 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाली सीट से जीत हासिल की थी। आपने भाजपा के खिलाफ जीत दर्ज की है। विचारधारा से समझौता करना सही नहीं है। हम उन्हें मनाने की कोशिश करेंगे।’’
उधर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए दावा किया कि यह इस्तीफा सत्तारूढ़ पार्टी के लिए बढ़ते जनसमर्थन को दर्शाता है।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस में अब कुछ बचा ही नहीं है। गौरव गोगोई अगले पड़ सकते हैं।’’
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, ‘‘भाजपा की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। कांग्रेस अब राष्ट्रीय दल होने के बजाय क्षेत्रीय दल बनती जा रही है, वहां सिर्फ नेता ही बचे हैं, क्योंकि कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो रहे हैं।’’
इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा, ‘‘कोई भी डूबती नाव में सवार नहीं रहना चाहता। पार्टी की कमजोरियों के कारण कांग्रेस नेता बेहतर विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।’’
बोरदोलोई ने हाल में असम के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि यदि लाहौरीघाट के मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद नजर को विधानसभा चुनाव के लिए दोबारा उम्मीदवार बनाया गया, तो वह पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं।
सांसद ने पत्र में आरोप लगाया कि नजर के करीबी सहयोगी इमदादुल इस्लाम अप्रैल 2025 में बोरदोलोई और अन्य पार्टी नेताओं पर हुए हमले में शामिल थे और इस मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया है।