सर्दियों में चटपटा और गर्म खाने का मन खूब करता है। सर्दियों में वजन भी तेजी से बढ़ता है क्योंकि तले हुए और मीठे व्यंजन खूब खाए जाते हैं। चटपटे और गर्म व्यंजन पसंद हों तो अपने कुकिंग स्टाइल में थोड़ा चेंज लाकर स्वाद को बरकरार रखते हुए और अधिक हैल्दी बना सकते हैं। एक ही तरह की सब्जी बनाने के स्थान पर मिक्स वेजीटेबल बनाएं और दालों को भी मिलाकर बनाएं। पनीर के स्थान सोयाबीन की बड़ियों व चूरे का प्रयोग अधिक करें। सब्जियों में सोयाबीन का चूरा भी मिलाकर पकाया जा सकता है जो पौष्टिकता बढ़ा देगा। सब्जियों में मकई के दाने डालकर सब्जी को स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाया जा सकता है। गाजर का हलवा खूब खाएं मगर ध्यान दें कि टोंड दूध का ही प्रयोग करें। मावे का प्रयोग भी न करें। ग्रेवी वाली सब्जी अधिक बनाएं ताकि तेल का प्रयोग कम हो जिसको हम मोटे अनाज की रोटी के साथ आसानी से खा पाएं। सर्दियों में खाने की मात्रा बढ़ जाती है क्योंकि भूख अधिक लगती है पर एक बार में ढेर सारा न लें। अगर आप शौकीन हैं बार-बार चाय काफी पीने के तो ग्रीन टी बिना दूध और बहुत कम चीनी वाली लें। चाहें तो नींबू का रस मिला सकते हैं। स्वाद भी बढ़ेगा और ग्रीन टी नुक्सान भी नहीं पहुंचाएगी। चाहें तो खाना खाने के एक घंटे बाद अच्छा गर्म पानी सिप सिप कर पी सकते हैं। चाय की रिपलेस्मेंट के लिए यह अच्छा और हैल्दी आप्शन है। सर्दियों में परांठे खाने का खूब मन करता है मसलन मेथी, गोभी, मटर, पालक, गाजर, मूली के परांठे। उन्हें आप आटे में गूंथकर हल्के तेल में बना सकते हैं। चाहें तो आटे में थोड़ा बेसन, अजवायन, नमक, मिर्च डालकर टोंड दूध से या टोंड दूध से आटा गूंथ कर परांठा पका सकते हैं जो नर्म और स्वादिष्ट भी होगा और पौष्टिक भी। गर्म गर्म मोमोज खाने का मन हो तो स्टीम्ड मोमोज खाएं। चटपटी दाल बनाने के लिए दाल बनाते समय कुकर में दाल के साथ लहसुन, टमाटर, अदरक व प्याज को डालें। दाल पक जाने के बाद कम तेल में राई, जीरा, साबुत लाल मिर्च का तड़का देकर सर्व करें। गोभी-पालक, मेथी के पकौड़े खाने का मन हो तो उन्हें लो कैलोरी आयल में तलें और खाने से पूर्व एक बार उन्हें नेपकिन में रखें ताकि तेल और अधिक निकल जाए। उसके बाद खाएं। सास के स्थान पर हरी धनिए की चटनी के साथ खाएं। कवाब या कोफ्तों को डीप फ्राई न कर उन्हें स्टीम कर बनाएं।