सरकार विमान विनिर्माण गतिविधियों और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत : नायडू

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नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को कहा कि सरकार देश के तेजी से बढ़ते हवाई क्षेत्र में विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है और भारतीय कंपनियां विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर संयंत्र स्थापित कर रही हैं।

नायडू राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने एम्ब्रेयर और सुखोई के साथ संयुक्त उद्यमों को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘विमानन क्षेत्र में विनिर्माण में निवेश के संबंध में, हमने इसे गंभीरता से लिया है। मुझे सदन को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि पहली बार ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर ने भारतीय विनिर्माण कंपनी के साथ संयुक्त उद्यम किया है।’’

नायडू ने कहा, “और हम बहुत जल्द देश में एक निर्माण संयंत्र शुरू करने जा रहे हैं, जिससे विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार होगा।”

उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र में विनिर्माण प्रक्रिया शुरू करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘विमान निर्माण बहुत जटिल है, इसमें बेहद आधुनिक इंजीनियरिंग की आवश्यकता होती है। कई दशकों से देशों ने अपने विमान बनाने की परियोजना पर काम किया, जिनमें से कुछ सफल नहीं हुए हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखें तो आज कुछ ही देश विमान निर्माण में सक्षम हैं।”

नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार को पूरा विश्वास है कि इस नए भारत में सब कुछ संभव है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सहयोग किया है। मैंने एम्ब्रेयर का जिक्र किया। इसके अलावा, रूसी कंपनी सुखोई ने भी एचएएल के साथ अपने एसजे 100 सुपरजेट के निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जो 100 सीटों वाला विमान है और हमारी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।’’

उन्होंने कहा कि विमानन और अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए कई विनिर्माण संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं।

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