नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) खाने-पीने के सामान की ऑनलाइन ऑर्डर पर डिलिवरी करने वाले मंच मैजिकपिन ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कमी से प्रभावित रेस्तरांओं के ऑर्डर में अब सुधार देखने को मिल रहा है।
मैजिकपिन के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंशू शर्मा ने कहा कि रेस्तरांओं ने अपने ‘मेन्यू’ में समायोजन किया है और साथ ही वे खाना पकाने के वैकल्पिक तरीके अपना रहे हैं। शर्मा ने कहा कि एलपीजी आपूर्ति में संकट का ज्यादातर असर छोटे रेस्तरांओं पर पड़ा है जो खाना पकाने के लिए सिलेंडर पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं और जिनके पास वित्तीय संसाधनों की कमी है।
शर्मा ने कहा कि खाना पकाने के लिए एलपीजी पर काफी ज्यादा निर्भर रेस्तरांओं के ऑर्डर में शुरुआत में पांच-10 प्रतिशत की गिरावट आई थी, लेकिन अब मांग में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि रेस्तरांओं ने एलपीजी की आपूर्ति की दिक्कतों के बीच अपने मेन्यू में कुछ बदलाव किया है और इंडक्शन, लकड़ी से जलने वाले चूल्हों और इलेक्ट्रिक ओवन जैसे दूसरे तरीके अपनाएं हैं।
शर्मा ने कहा कि मैजिकपिन अगले कुछ दिन में सबसे प्रभावित लगभग 10,000 रेस्तरां भागीदारों को इंडक्शन कुकिंग स्टोव बांटने की योजना बना रही है ताकि उन्हें अपना कारोबारी परिचालन जारी रखने में मदद मिल सके।
उन्होंने कहा कि रेस्तरां क्षेत्र ने इन व्यवधानों के दौरान मजबूती दिखाई है, और उद्योग पर मौजूदा संकट थोड़े समय के लिए ही रहने की उम्मीद है।
रेस्तरां मालिकों का कहना है कि वे इस संकट से निपटने के लिए इलेक्ट्रिक ओवन और इंडक्शन कुकर जैसे विकल्प अपना रहे हैं, साथ ही उन व्यंजनों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिन्हें पकने में कम समय लगता है।
पिज्जा-ए-गुडनेस के मालिक नरेंद्र यादव ने कहा, ‘‘एलपीजी की कमी ने रसोई के कामों को मुश्किल बना दिया है। कुछ व्यंजन जिन्हें पकाने में ज्यादा समय लगता है, उन्हें कम कर दिया गया है। हम जहां भी संभव है इलेक्ट्रिक ओवन और इंडक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। कोई भी रेस्तरां अपना मेन्यू कम नहीं करना चाहता, लेकिन हमें रसोई को चालू रखने के लिए खुद को बदलना होगा।’’