कोलकाता, 14 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे, जहां वह प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक रैली को संबोधित करेंगे और लगभग 18,680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे।
पिछले महीने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पश्चात मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद राज्य की उनकी यह पहली यात्रा होगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित इस रैली के साथ ही 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की राज्यव्यापी ‘परिवर्तन यात्रा’ का समापन होगी।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में मिली जबरदस्त बढ़त और 2021 के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद, भाजपा की इस यात्रा को हाल के वर्षों में उसका सबसे व्यापक राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान माना जा रहा है।
गत 28 फरवरी को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया होने पर पिछले साल नवंबर में संशोधन प्रक्रिया शुरू होने के बाद से मतदाताओं की संख्या का लगभग 8.3 प्रतिशत यानी 63.66 लाख नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिससे राज्य में मतदाताओं की संख्या लगभग 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ी अधिक रह गई है।
इसके अतिरिक्त, 60.06 लाख से अधिक मतदाताओं को ‘‘न्यायिक समीक्षा के अधीन’’ श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि आने वाले हफ्तों में कानूनी जांच के माध्यम से उनकी पात्रता निर्धारित की जाएगी।
मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब ऐसी खबरें आ रही हैं कि निर्वाचन आयोग अगले सप्ताह विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर सकता है।
इस दौरे में प्रधानमंत्री सड़क अवसंरचना, रेलवे, बंदरगाह और जहाजरानी क्षेत्रों से संबंधित विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे एवं उनकी आधारशिला रखेंगे।
मोदी सड़क संपर्क में सुधार करने के लिए 420 किलोमीटर से अधिक की कुल लंबाई वाली कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे जिनमें पश्चिम बंगाल और झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के खंड तथा पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय राजमार्ग-114 के खंड शामिल हैं। इनका उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना, यात्रा समय कम करना और क्षेत्रीय संपर्क में सुधार करना है।
वह कई राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-116ए के 231 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारे खंड के पांच पैकेज शामिल हैं।
इसके अलावा प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य में पुनर्विकसित छह रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे जिसका उद्देश्य यात्रियों की सुविधाओं और अवसंरचना का आधुनिकीकरण करना है।