सीतारमण ने उत्तर प्रदेश के सांसद से कहा: चंद्रशेखर ‘रावण’ नहीं, चंद्रशेखर ‘विदुर’ नाम रखिए

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नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में शुक्रवार को कुछ हल्के-फुल्के अंदाज में उत्तर प्रदेश के नगीना निर्वाचन क्षेत्र से आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद को अपना नाम चंद्रशेखर ‘रावण’ की जगह चंद्रशेखर ‘विदुर’ रखने की सलाह दी।

मंत्री ने कहा कि ‘महाभारत’ में एक बहुत सम्मानित व्यक्तित्व हैं, जिनका नाम विदुर है और जिनकी विद्वता का सभी लोग सम्मान करते हैं।

उन्होंने कहा कि उन्हें हाल में पता चला है कि विदुर ने अपने जीवन का आखिरी समय बिजनौर में बिताया था।

सीतारमण ने सदस्यों से आग्रह करते हुए कहा कि वह एक हल्की-फुल्की बात बोल रही हैं और उन्हें इसके लिए गलत नहीं समझा जाए। उन्होंने कहा, ‘‘चंद्रशेखर जी ने अपने नाम में ‘रावण’ का नाम जोड़ा है…जबकि विदुर काफी विद्वान माने जाते हैं और महाभारत के एक बढ़िया पात्र हैं। (इसलिए) विदुर का नाम जोड़िये, रावण का क्यों?’’

इसके बाद, उन्होंने हाथ जोड़कर नगीना के सांसद की ओर देखते हुए उन्हें चंद्रशेखर ‘विदुर’ कहकर संबोधित किया, जिसके बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी इस शब्द को दोहराया।

वित्त मंत्री द्वारा हल्के-फुल्के अंदाज में यह टिप्पणी किये जाने के बाद, अपनी सीट पर बैठे चंद्रशेखर, उनके पास बैठे तृणमूल कांग्रेस सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और अन्य विपक्षी सदस्य भी हंसते नजर आए।

सीतारमण की इस टिप्पणी पर पूरे सदन में उस वक्त हल्का-फुल्का माहौल देखने को मिला, जब ‘‘एलपीजी संकट’’ के कारण विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच, वित्त मंत्री विपक्ष पर लगातार निशाना साध रही थीं।

सीतारमण ने उल्लेख किया कि नगीना के सांसद चंद्रशेखर ने कहा है कि उनके साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है।

नगीना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में स्थित है।

सीतारमण ने चंद्रशेखर के ‘‘सौतेला व्यवहार किए जाने’’ संबंधी आरोप का जवाब देते हुए, केंद्र की विभिन्न योजनाओं के तहत बिजनौर जिले में किये गए कल्याणकारी कार्यों की जानकारी दी।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘जल जीवन मिशन के तहत बिजनौर जिले में पांच लाख ग्रामीण आवासों को नल से जल मिल रहा है। तीन लाख घरों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण किया गया है।’’ इसके अलावा, उन्होंने अन्य योजनाओं के तहत भी जिले में किये गए कार्यों का उल्लेख किया।

उन्होंने भारत आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत की एक टिप्पणी का भी जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हम छोटी पार्टी और निर्दलीय सदस्यों को भी सुनते हैं। उनके निर्वाचन क्षेत्र में 2019 की तुलना में अब तक, 10 गुना ‘नल से जल’ कनेक्शन लोगों के घरों में पहुंचे हैं।’’

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