पटना, नौ मार्च (भाषा) बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर से कांग्रेस को कोई आश्चर्य नहीं हुआ, क्योंकि यह पहले से ही तय था।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की मौजूदा सरकार “वोट चोरी” की बदौलत बनी है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार पर्दे के पीछे से नीतीश कुमार को हटाने की साजिश रच रही थी।
राम ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा ने अब नीतीश कुमार को “डिजिटल अरेस्ट” कर लिया है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जो नीतीश कुमार हमेशा समाजवादी विचारधारा की लड़ाई लड़ते रहे, आज वही उस लड़ाई को भाजपा के हवाले कर चुके हैं और उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडे पर समझौता कर लिया है।
राम ने सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि नीतीश कुमार अपने ही कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के आंसुओं से भी नहीं पिघल रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति सहयोगी दलों को कमजोर करने और खत्म करने की रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह भाजपा ने शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे को साथ लेकर बाद में मूल शिवसेना को कमजोर किया, उसी तरह शिरोमणि अकाली दल को भी कमजोर किया गया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता शरद पवार की पार्टी को तोड़ने का काम किया और नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजू जनता दल (बीजद) समेत कई क्षेत्रीय दलों को धीरे-धीरे समाप्त करने की रणनीति अपनाई है।
राजेश राम ने कहा कि भाजपा का इतिहास रहा है कि वह अपने सहयोगियों को पहले साथ लेकर चलती है और बाद में उन्हें खत्म कर देती है। उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) का गठबंधन पूरी तरह से बेमेल है, और यह जनता के हितों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की यही रणनीति अब अन्य सहयोगी दलों के साथ भी अपनाई जा रही है और आने वाले समय में इसका अगला निशाना आंध्र प्रदेश के नेता चंद्रबाबू नायडू हो सकते हैं।