नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति सुनिश्चित करने के लिए संवाद और कूटनीति का पक्षधर है और उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता उस क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा है।
निचले सदन में पश्चिम एशिया संघर्ष पर दिए अपने वक्तव्य में जयशंकर ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार सहित राष्ट्रीय हित सरकार के लिए हमेशा सर्वोपरि रहेंगे।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्षी सांसदों की जोरदार नारेबाजी के बीच जयशंकर ने कहा कि हालिया घटनाक्रम ‘‘हम सभी के लिए गहरी चिंता का कारण है।’’
मंत्री ने इससे पहले राज्यसभा में इस विषय पर वक्तव्य दिया।
उन्होंने लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और संबंधित मंत्रालय प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समन्वय कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर सरकार के दृष्टिकोण के तीन मार्गदर्शक कारकों का उल्लेख करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत शांति का पक्षधर है और सभी पक्षों से संवाद एवं कूटनीति की ओर लौटने का आग्रह करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम तनाव कम करने, संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पैरोकारी करते हैं।’’
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम इस दिशा में क्षेत्र की सरकारों के साथ काम करना जारी रखेंगे।’’