मुंबई, नौ मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और डॉलर के मजबूत होने से सोमवार को रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 46 पैसे गिरकर अपने रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब 92.28 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 92.22 प्रति डॉलर पर खुला और आगे भी गिरावट जारी रखते हुए 92.28 प्रति डॉलर पर आ गया। यह पिछले बंद स्तर से 46 पैसे की बड़ी गिरावट है।
चार मार्च को रुपया 92.35 प्रति डॉलर के अपने अब तक के सबसे निचले इंट्रा-डे स्तर तक पहुंच गया था।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे भारत जैसी बड़ी तेल आयातक अर्थव्यवस्था की मुद्रा पर दबाव बढ़ा है।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 25.68 प्रतिशत उछलकर 116.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष तेज होने से तेल बाजार में बड़ी तेजी आई है।
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि तेल की कीमतों में उछाल के कारण रुपया दबाव में रहेगा। एशिया की अन्य मुद्राएं भी सोमवार को कमजोर रहीं।
उन्होंने कहा कि यदि आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती है तो रुपया 93 प्रति डॉलर के स्तर तक गिर सकता है।
इस बीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.66 प्रतिशत बढ़कर 99.64 पर पहुंच गया।
घरेलू शेयर बाजार में भी भारी गिरावट रही। बीएसई का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,345.89 अंक गिरकर 76,573.01 पर और एनएसई का निफ्टी 708.75 अंक टूटकर 23,741.70 पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध आधार पर 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।