भाजपा सांसद खगेन मुर्मू ने ममता से इस्तीफे की मांग की

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कोलकाता, आठ मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद खगेन मुर्मू ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग करते हुए रविवार को आरोप लगाया कि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान किया है।

राष्ट्रपति ने शनिवार को सिलीगुड़ी के पास आयोजित अपने कार्यक्रम के स्थान में बदलाव किए जाने और उसमें मुख्यमंत्री या किसी वरिष्ठ मंत्री की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई थी।

आदिवासी समुदाय से आने वाले मालदा उत्तर से भाजपा सांसद खगेन मुर्मू ने कहा, “आदिवासियों की गरिमा का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि केवल माफी मांगना पर्याप्त नहीं होगा और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल के ‘बादशाह’ की तरह व्यवहार कर रही हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी के पास आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में आदिवासियों को संबोधित करते हुए कहा था कि ममता बनर्जी उनकी “छोटी बहन” जैसी हैं, लेकिन उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री उनके दौरे से नाराज थीं क्योंकि कार्यक्रम में न तो वह और न ही कोई मंत्री मौजूद रहा।

राष्ट्रपति द्वारा नाराजगी व्यक्त किए जाने के कुछ घंटे बाद ही ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रपति “भाजपा के इशारे पर बोल रही हैं।”

बनर्जी ने मणिपुर और छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित राज्यों में आदिवासियों के खिलाफ कथित अत्याचारों पर राष्ट्रपति की “चुप्पी” पर भी सवाल उठाया।

राष्ट्रपति के खिलाफ बनर्जी की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए सिलीगुड़ी से भाजपा विधायक शंकर घोष ने कहा कि इससे एक बार फिर साबित हो गया है कि राज्य की मुख्यमंत्री किसी भी संवैधानिक मानदंड को नहीं मानतीं।

राज्य विधानसभा में भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक शंकर घोष ने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्रालय को राष्ट्रपति के अपमान की विस्तृत जांच करानी चाहिए और राज्य के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।”

इस बीच, राज्य की मंत्री शशि पांजा ने खगेन मुर्मू की आलोचना करते हुए सवाल किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अनुसूचित जनजाति समुदाय की महिलाओं के नाम हटाए जाने पर वह सवाल क्यों नहीं उठा रहे हैं।

तृणमूल नेता ने कहा, “इन महिलाओं को भी वंचित किया गया है, लेकिन भाजपा उनके बारे में बात नहीं करती।”

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