अक्सर ऐसी महिलाएं जो समय का रोना रोती रहती हैं, आसानी से मिल जाएंगी पर उनके पास समय है पड़ोसियों की आलोचना करने का, दूसरों की बहू बेटियों पर छींटाकशी करने का, कपड़े-गहनों पर घंटों बहस करने और टी.वी. देखने का। बस उनके पास समय नहीं है रचनात्मक शौक पूरा करने का। आखिर ऐसा क्यों है?
यदि आप भी चाहती हैं कि आप कुछ हट कर करें तो इन मौजूदा हालातों में से समय निकालें और कुछ करके दिखलाएं। इस सबसे आपको संतोष भी मिलेगा और समय का सही सही प्रयोग भी हो पाएगा। आप भी अपनी सखियों को कुछ बनाकर दिखाने में गर्व महसूस करेंगे और वाह-वाही लूटंेगे। आइए देखें कि कैसे व्यस्त दिनचर्या में से आप समय निकाल पाएंगे।
घर के हर काम को करने का ठेका अपने ऊपर मत ओढ़ें । ठीक है आप घर पर रहती हैं पर इसका अर्थ यह नहीं कि सभी काम आपको ही करने हैं। बाकी सदस्यों की घर के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं है। उनकी उम्र और शारीरिक क्षमता अनुसार उनसे भी मदद लें जैसे छोटे बच्चों से स्कूल बैग पैक करवाएं, स्कूल यूनिफार्म रात्रि में निकलवा कर रखें, फ्रिज की खाली बोतलों को भरवाएं, अपनी किताबें और कपड़े व्यवस्थित रखने का जिम्मा उन्हें दें। घर पर बड़ी उम्र की सास हैं तो उनसे सब्जी, सलाद कटवाने में मदद ले सकती हैं। बड़े बच्चों से कमरों को व्यस्थित करने में, बाजार से छोटा मोटा सामान लाने मे मदद ले सकती हैं।
काम को टालने की आदत से बचें। जो करना है, कर ही डालें जैसे धुले कपड़ों को तह लगा कर रखना प्रेस, करना, खाना बनाने के बाद रसोई और गैस साफ करना, वाशिंग मशीन साफ करना आदि। यदि आप इन्हें टालते रहेंगे तो घर गंदा भी लगेगा और चारों तरफ अव्यवस्थित घर देखकर परेशानी भी होगी।
अधिकतर महिलाओं को शिकायत होती है कि उनके वो कुछ भी मदद नहीं करते। ऐसा कहकर आप उन पर दोष मढ़ रही है। यह आप पर भी निर्भर करता है कि आप उनसे काम निकलवाना जानती हैं या नहीं। वैसे जब वे आपको कुछ अलग कामों में उलझा करते देखेंगे तो स्वयं ही मदद करनी प्रारंभ कर देंगे।
समय प्रबंधन की आदत डालें ताकि हर काम को निपटाने के लिए समय निर्धारित कर समाप्त करने का प्रयास करें। हो सकता है कि आप समय से पूर्व काम समाप्त कर लें और यह भी हो सकता है निर्धारित समय पर काम समाप्त न हो। एक सप्ताह अभ्यास कर समय में बदलाव ला सकती हैं।
पड़ोसियों से फालतू गप्पों और दूसरों की आलोचना करते हुए समय को बर्बाद मत करें। यदि आपको कोई अच्छी पड़ोसन जो अच्छी मित्रा भी है के साथ, समय निर्धारित कर उसके साथ पास के पार्क में सैर पर जाएं या आस पास के बाजार से इकट्ठे शापिंग करने जाएं ताकि काम भी हो जाए और गप्पें भी हो जायेंगी।
टी.वी. देखें पर उसे फुल टाइम पेशा मत बनाएं कि आपको सभी सीरियल्स देखने ही हैं ताकि आप अपनी मित्रों पर प्रभाव डाल सकें कि आप टीवी की कितनी शौकीन हैं। उस समय में आप अपने शरीर को आराम दे सकती हैं या अपने शौक को रचनात्मक रूप भी दे सकती हैं।
सुबह जल्दी उठने की आदत बनायें। इससे आप रोजमर्रा के कार्यों को समय पर निपटा कर अपनी रूचि के कार्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय निकाल सकती हैं।
इस प्रकार समय न मिलने की समस्या को सुलझा कर किसी के आगे समय न मिलने के रोने से भी बच सकती हैं।
