एक आदर्श पति के गुण

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संसार में हर देश, धर्म, जाति में पति-पत्नी संबंध चिरस्थाई होते हैं। कहा गया है कि विवाह के जोड़े स्वर्ग में बनाए जाते हैं, धरती पर बसाए जाते हैं लेकिन गृहस्थी को बिगाड़ने के जिम्मेदार हम स्वयं होते हैं। एक आदर्श पति को चाहिए कि वह कुछ बातों का ध्यान रखें ताकि उसकी गृहस्थी की गाड़ी बिना हिचकोले चलती रहे।
  पत्नी को परिवार के हर मामले में सहभागी बनाएं और मंत्राणा लें भले ही मर्जी अपनी ही करे।
  घर में खास मौकों को याद रखें। पत्नी की सालगिरह, जन्मदिन, करवा चौथ और उस दिन पॉकेट अनुसार पत्नी को उपहार देते रहें।
  अच्छा पति वह है जिसके कान न हों। पत्नी की कोई भी बात सुनकर भड़के नहीं।
  आप एक दूसरे को महसूस करवाते रहें कि आप एक दूसरे के पूरक हैं। एक दूसरे पर गर्व करते हैं। एक दूसरे के बिना जीवन चलना असंभव है।
  भोजन करते समय भोजन की तारीफ करना न भूलें। सब्जी में नमक ज्यादा हो और चाय में चीनी ज्यादा हो तो चुप रहें। जब वे खाएंगी तो जान जाएंगी।
  परिवार के सभी सदस्यों को प्रसन्न रखने की चेष्टा करें। बच्चों के साथ मिलकर उनके स्कूल, कॉलेज, मित्रों की बातें करें।
  छुट्टी का दिन मनाना न भूलें। दफ्तर का कार्य घर पर न लाएं।
  गाली गलौज मत करें। सिगरेट व शराब से दूर रहें।
  किसी एक के सामने दूसरे की आलोचना न करें। एक दूसरे की गलतियां एकांत में बताएं।
  मुसीबत और कठिन समय में एक दूसरे का सहयोग करें। सहानुभूति से पेश आएं, धैर्य न खोएं। परिवार में संतुलन बनाए रखें।

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