हर इंसान चाहता है कि वह अधिक से अधिक जिए पर स्वस्थ रहकर। वैसे तो वृद्धावस्था अपने साथ अनेक बीमारियां लेकर आती है क्योंकि हम जवानी में अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत नहीं रहते पर यदि हम अपनी जीवन शैली प्रारंभ से ठीक रखें और संतुलित आहार लें तो हम अपना जीवन स्वस्थ और दीर्घ रख सकते हैं। लम्बा और अस्वस्थ जीवन जीना कोई भी नहीं चाहता।
दीर्घ आयु और स्वस्थ जीवन पाने के लिए हमें स्वयं प्रयास करना चाहिए क्योंकि हम अपने स्वास्थ्य के स्वयं ही मित्र व शत्रु होते हैं। इसलिए उत्तम स्वास्थ्य के लिए हमें स्वयं ही इस दिशा में कदम उठाना होगा। आइये देखें हम अपने दीर्घ आयु और स्वस्थ जीवन हेतु क्या-क्या कदम उठा सकते हैं:-
प्रातः जल्दी उठें:-
’अर्ली टू बेड एंड अर्ली टू राइज़‘ बहुत पुरानी कहावत है। सभी इस कहावत से वाकिफ हैं। इसका अर्थ है रात्रि में 10 बजे तक अवश्य ही सोने के लिए चले जाना चाहिए और प्रातः 5 बजे या 5.30 बजे तक उठ जाना चाहिए जो दीर्घ आयु और स्वस्थ रहने के लिए अति उत्तम होता है। प्रातः एक से दो गिलास पानी खाली पेट पीना चाहिए। इससे हम कई पेट के रोगों से स्वयं को बचा सकते हैं।
उचित व्यायाम
जवानी से ही शारीरिक व्यायाम की आदत बना लेनी चाहिए। खुली हवा में घूमना और व्यायाम करना तन और मन दोनों को प्रसन्न और जवां बनाए रखता है। प्राणायाम और योग-अभ्यास किसी योग शिक्षक से सीख कर खुली हवा में करना चाहिए। प्राणायाम और योगासन हमें कई बीमारियों से दूर रखते हैं और शरीर को चुस्त दुरस्त बनाए रखते हैं।
उचित और संतुलित आहार
अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए हर आयु में उचित और संतुलित आहार लेना ही हितकर होता है। वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के अनुसार हमें शाकाहारी रहना चाहिए। शाकाहारी भोजन हमें कई भीषण बीमारियों जैसे कैंसर, हृदय रोग, किडनी, मधुमेह आदि से दूर रखते हैं। मांसाहारी भोजन प्राकृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से मानव हेतु है ही नहीं। यदि हम किसी के प्राण बचा नहीं सकते तो हमें उसे मारने का भी कोई अधिकार नहीं है।
हमें अपने पेट का तीन चौथाई भाग भरना चाहिए और एक चौथाई भाग खाली रखना चाहिए। भोजन में नियमित सलाद, दालें, हरी सब्जियां, दूध, दूध से बने खाद्य पदार्थ, दलिया, बेसन, अंकुरित दालें, चावल, सोयाबीन, गेहूं का सेवन करना चाहिए।
मुख्य आहार दिन में ही लेना चाहिए। सप्ताह में एक बार फलाहार या रसाहार पर रहना चाहिए। प्रतिदिन 8 से 10 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए। मद्यपान और तंबाकू का सेवन नहीं करना चाहिए। मद्यपान और तंबाकू स्वास्थ्य के बडे दुश्मन हैं। इनसे दूरी ही अच्छी है इन चीज़ों के सेवन से स्वास्थ्य के साथ-साथ बुद्धि और धन भी नष्ट होते हैं।
नींद:-
अच्छे स्वास्थ्य हेतु शरीर को उचित आराम की भी आवश्यकता होती है। हमें प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। दिन में अपने कामों को निपटाने के साथ-साथ बीच में ताड़ासन या आंखें बंद कर रिलैक्स मुद्रा में रहना चाहिए ताकि थकावट हमें घेर न पाये।
सकारात्मक सोच:-
दीर्घ आयु और अच्छे स्वास्थ्य हेतु नकारात्मक विचारों का त्याग करना ही बेहतर होता है। उसके स्थान पर सकारात्मक विचार ही मन में लाने चाहिए। मन को प्रसन्न रखने का पूरा प्रयास करना चाहिए दुःख-सुख, लाभ-हानि जीवन के अंग हैं। इन पर काबू पाने का प्रयास करना चाहिए।
क्रोध, ईष्र्या, घृणा, लोभ इन चीज़ों का त्याग ही हितकर होता है। निःस्वार्थ भाव से परोपकार की भावना रखनी चाहिए। अपने मन को शांत करने के लिए ध्यान आदि का सहारा लेना चाहिए। आध्यात्मिक पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए।
