अमरावती, चार मार्च (भाषा) आंध्र प्रदेश के मंत्री सत्य कुमार यादव ने बुधवार को कहा कि सरकार अगले दो वित्त वर्षों में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत 10 मेडिकल कॉलेज संचालित करने के लिए कदम उठा रही है।
विधानसभा को संबोधित करते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान शुरू किए गए 17 मेडिकल कॉलेज में से 11 को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के तहत मंजूरी दी गई थी, जबकि तीन-तीन कॉलेज केंद्र सरकार की योजनाओं और राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता (एसएएससीआई) योजना के तहत शुरू किए गए थे।
मंत्री ने कहा, “सरकार अगले दो वित्त वर्षों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत 10 मेडिकल कॉलेज संचालित करने के लिए कदम उठा रही है।” उन्होंने बताया कि कुल लागत 8,480 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार के दौरान इन कॉलेज पर केवल 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जिसमें से अकेले पुलिवेंदुला मेडिकल कॉलेज पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि अन्य संस्थानों की उपेक्षा की गई थी।
यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार ने सत्ता संभालने के बाद से इन कॉलेजों पर 900 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने वाईएसआरसीपी नेताओं पर इनके निर्माण का झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाया।
इसके अलावा, तिरुपति लड्डू घी में मिलावट के कथित मुद्दे पर वाईएसआरसीपी सदस्यों और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच विधान परिषद में जुबानी जंग छिड़ गई।
सिंचाई मंत्री के. अचन्नाइडु ने कहा कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के परिवार के स्वामित्व वाली डेयरी कंपनी ‘हेरिटेज फूड्स’ का कथित मिलावट मामले से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने वाईएसआरसीपी के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) पर मुख्य चर्चा से ध्यान भटकाने के लिए इस मुद्दे को उठाने का आरोप लगाया।