सुरक्षा के भाव और शांति के माहौल में होते हैं उमंग के पर्व : मुख्यमंत्री

0
sd3ede3e

गोरखपुर, चार मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में परंपरा के अनुसार होलिकोत्सव की शुरुआत करते हुए इसे सामाजिक समरसता, उमंग और उल्लास का पर्व करार दिया।

आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि होली का त्योहार सामाजिक समरसता उमंग और उल्लास का पर्व है और जब शांति होती है तभी पर्व उत्सवी रूप में मनाए जाते हैं।

आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा और पूर्वजों ने हजारों वर्षों की होली की विरासत को संरक्षित करके जिस भाव से सौंपा है, उसको वर्तमान पीढ़ी उसी उमंग और उत्साह के साथ आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश में हर तबके का व्यक्ति, हर सनातनी इस पावन पर्व के साथ जुड़कर आनंद की अनुभूति कर रहा है और अगर कहीं कोई मनमुटाव या बैरभाव है तो उसे समाप्त करके समरस समाज की स्थापना के प्रयास को आगे बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक लाख 61 हजार से अधिक स्थानों पर होलिकादहन के कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से उत्साह के साथ आयोजित हुए।

उन्होंने कहा कि स्वाभाविक रूप से होलिकादहन भगवान श्रीहरि विष्णु के महत्वपूर्ण नृसिंह अवतार के स्मरण का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में जहां कहीं भी अराजकता, अव्यवस्था और अशांति है तो उसका दमन करने के लिए, सज्जन शक्ति के संरक्षण व दुर्जन शक्ति को परास्त करने के लिए, सकारात्मक भाव को प्रोत्साहित करने और नकारात्मक भाव को तिरोहित करने के लिए ईश्वरीय अवतार एक नई प्रेरणा प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा, “हर कालखंड में ये अवतार किसी न किसी रूप में हम सबके सामने होते हैं। उनके अनुरूप हम सब भी प्रह्लाद, शबरी या अर्जुन के रूप में अपनी भूमिका का ईमानदारी पूर्वक निर्वाह करेंगे तो सकारात्मक शक्तियां मजबूत होंगी तथा नकारात्मक ताकतें परास्त होकर अपने आप ही पराभव की ओर जाएंगी।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *