हैदराबाद, तीन मार्च (भाषा) तेलंगाना के मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने जनगणना प्रक्रिया के लिए कार्यसूची तैयार करने के मकसद से जिलाधिकारियों की मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।
यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में जनगणना कार्यों के पहले चरण पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो 11 मई से पूरे राज्य में शुरू होगा।
जिलाधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना 2027 देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल आधारित जनगणना है और यह एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी।
यह संपूर्ण अभ्यास क्षेत्रीय डेटा संग्रह के लिए एक समर्पित मोबाइल ‘एप्लिकेशन’ के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिससे वास्तविक समय में डेटा कैप्चर, बेहतर सटीकता, पारदर्शिता और तीव्र प्रसंस्करण सुनिश्चित होगा।
उन्होंने बताया कि राज्य भर में ‘हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन्स’ (एचएलओ) 11 मई से शुरू हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि डिजिटल पहल के तहत, स्व-आकलन की प्रक्रिया मकान सूचीकरण संचालन शुरू होने से 15 दिन पहले शुरू हो जाएगी, जिससे नागरिकों को निर्दिष्ट मंचों के माध्यम से स्वेच्छा से अपना डेटा ऑनलाइन जमा करने में मदद मिलेगी।
मुख्य सचिव ने सभी जिला अधिकारियों को व्यापक भौगोलिक कवरेज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और जोर दिया कि कोई भी घर, बस्ती, दूरस्थ क्षेत्र, आदिवासी बस्ती या शहरी झुग्गी बस्ती जनगणना प्रक्रिया से बाहर न रह जाए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूर्ण और समावेशी कवरेज सुनिश्चित करने के लिए दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
राव ने जनगणना प्रक्रिया के हर चरण में समय-सीमा का पालन, डेटा गुणवत्ता मानकों का रखरखाव, संचालन में पारदर्शिता और निर्बाध तकनीकी एकीकरण पर भी जोर दिया।
उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तैयारियों से संबंधित गतिविधियों की बारीकी से निगरानी करें और रसद या परिचालन संबंधी बाधाओं को सक्रिय रूप से दूर करें।
जनगणना संचालन निदेशक भारती होलिकेरी भी बैठक में मौजूद थीं।
होलिकेरी ने परिचालन ढांचे का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत करते हुए सुचारू और सुरक्षित डेटा संग्रह सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल-आधारित ‘एप्लिकेशन’ और आंतरिक निगरानी तंत्र सहित उन्नत डिजिटल प्रणालियों के एकीकरण पर विस्तार से बताया।