पश्चिम एशिया संकट के कारण अबू धाबी में फंसे भारतीय बेंगलुरु लौटे

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बेंगलुरु, तीन मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण अबू धाबी में फंसे भारतीय यात्री सोमवार रात यहां केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे और उनके चेहरे पर राहत नजर आई।

यात्रियों ने बताया कि खाड़ी देश में मिसाइल हमले की आशंका के बीच वे तनावपूर्ण माहौल से गुजर रहे थे। सुरक्षित स्वदेश लौटने पर उन्होंने एतिहाद एयरवेज, अबू धाबी सरकार और भारत सरकार का आभार जताया, जिन्होंने व्यवधान के दौरान उनके ठहरने और परिवहन की व्यवस्था की।

मंगलुरु के सौरभ शेट्टी अबू धाबी में एक तेल कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने स्थिति को “चिंताजनक और डरावनी” बताया। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को उड़ान पकड़ने पहुंचे तो सब सामान्य लग रहा था, लेकिन अचानक जांच कक्ष के पास अलार्म बजा और यात्रियों को खिड़कियों से दूर बैठने के लिए कहा गया।

शेट्टी के अनुसार, “किसी ने कहा मिसाइल हमला होने वाला है। हम स्तब्ध थे। हमें लगा अबू धाबी सबसे सुरक्षित शहर है। बाद में बाहर देखा तो आकाश में मिसाइल दिखाई दी। हमने कभी सोचा नहीं था कि यहां ऐसा हो सकता है।”

उन्होंने इसे “जीवन बदल देने वाला क्षण” बताते हुए कहा ‘‘जब आप अपने सामने मिसाइल देखते हैं तो लगता है कि यह कभी भी आपके ऊपर गिर सकती है… होटल में अपने कमरे से मैं आसमान में मिसाइलों को टकराते देख सकता था। उस समय मुझे भारतीय सेना की चुनौतियों का एहसास हुआ। हमें उन पर गर्व है।”

उन्होंने हमलों में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा ‘‘हम बच गए और वापस लौट आए। अगर एक भी मिसाइल गिरती तो हम यहां नहीं आ पाते। हम सब अपने परिवारों को देखना चाहते थे।’’

बोस्टन से आए महेश ने एयरलाइन की व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने बताया कि एक उड़ान अबू धाबी से पहुंची है और सेवा व्यवस्था संतोषजनक रही। उन्होंने कहा “हमें अच्छे होटल में ठहराया गया और भोजन की व्यवस्था की गई। अभी सीमित वायुक्षेत्र उपलब्ध है और लगभग 15 से 16 उड़ानें संचालित की गई हैं।”

बेंगलुरु की निवासी रम्या दुबई और अबू धाबी गई थीं। उन्होंने बताया कि उनकी वापसी की उड़ान पहले रद्द कर दी गई थी, लेकिन दो मार्च को वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा “स्थिति अब शांत दिख रही है, पर एहतियातन वायुक्षेत्र बंद किया गया था।”

कोयंबटूर के निरुबन ने कहा कि ड्रोन गतिविधि के कारण थोड़ी देरी हुई, लेकिन वापसी यात्रा सुगम रही। उन्होंने कहा कि अबू धाबी प्रशासन ने चार-पांच घंटे के भीतर होटल और परिवहन की व्यवस्था कर सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की।

बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर पेशेवर प्रसाद ने बताया कि अबू धाबी अपेक्षाकृत स्थिर था, लेकिन माहौल तनावपूर्ण रहा। उन्होंने कहा “धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और कुछ मलबा हवाईअड्डे के पास गिरने की सूचना थी। अधिकारियों ने नि:शुल्क आवास दिया और भारतीय अधिकारियों के साथ समन्वय किया।”

बागलकोट जिले के गिरीमल्लप्पा केरूर पेरिस की कारोबारी यात्रा पर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि लगभग 15 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराए जाने की सूचना थी। उन्होंने अपनी आगे की यात्रा रद्द कर बेंगलुरु लौटने का निर्णय लिया। “मैं सुरक्षित घर लौटकर राहत महसूस कर रहा हूं।”

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