आर्थिक चुनौतियों की छाया में होने जा रही चीन की वार्षिक संसदीय बैठक

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बीजिंग, तीन मार्च (एपी) चीन की आधुनिक अर्थव्यवस्था की प्रगति कुंग-फू लड़ने वाले रोबोट और खुद से पार्क होने वाली कारों से भले ही दिखती हो, लेकिन रियल एस्टेट क्षेत्र की सुस्ती, छोटे व्यवसायों की मुश्किलें और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी उसकी रफ्तार को थाम रही हैं।

चीनी नेता शी चिनफिंग की उच्च प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित महत्वाकांक्षाओं और धीमी पड़ती आर्थिक वृद्धि की कठोर वास्तविकताओं के बीच का अंतर उस पृष्ठभूमि को रेखांकित करता है, जिसके बीच देश की औपचारिक मानी जाने वाली संसद ‘नेशनल पीपुल्स कांग्रेस’ की वार्षिक बैठक बृहस्पतिवार से शुरू हो रही है।

करीब 3,000 प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाली बैठक में शीर्ष नेता वार्षिक आर्थिक वृद्धि लक्ष्य और 2030 तक की नीतिगत रूपरेखा पेश करेंगे।

विश्लेषकों के अनुसार, राष्ट्रपति शी चिनफिंग के सामने सबसे बड़ी चुनौती उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित विकास और घरेलू मांग को संभालने के बीच संतुलन की है।

चीन ने 2025 में लगभग पांच प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का दावा किया है, हालांकि कई अर्थशास्त्री आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल उठा रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापारिक तनाव के बावजूद निर्यात में उछाल और विनिर्माण क्षेत्र की मजबूती ने अर्थव्यवस्था को सहारा दिया है।

लेकिन आवास क्षेत्र की गिरावट चिंता का विषय है। 2021 से घरों की कीमतें 20 फीसदी या उससे अधिक गिर चुकी हैं और कई डेवलपर्स कर्ज संकट में फंस गए। इस वर्ष 1.27 करोड़ स्नातक नौकरी बाजार में प्रवेश कर रहे हैं, जबकि युवा बेरोजगारी दर 16 प्रतिशत से अधिक है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चीन से भारी सरकारी सब्सिडी कम करने की सलाह दी है, जबकि सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इलेक्ट्रिक वाहन और चिप निर्माण जैसे क्षेत्रों पर जोर बनाए हुए है।

राजनीतिक स्तर पर यह बैठक शक्ति प्रदर्शन भी है। 2012 से सत्ता में आए शी चिनफिंग ने अपनी पकड़ मजबूत की है और हाल में सैन्य अधिकारियों पर कार्रवाई कर भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम को आगे बढ़ाया है।

विश्लेषकों का मानना है कि उनका लक्ष्य चीन को आत्मनिर्भर तकनीकी महाशक्ति बनाना और अपनी राजनीतिक पकड़ को और सुदृढ़ करना है।

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