वाशिंगटन, तीन मार्च (एपी) ईरान में अमेरिकी-इजराइली हमलों के लंबे क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने की बढ़ती चिंताओं पर अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोमवार को कहा कि “यह इराक जैसा नहीं है। यह अंतहीन नहीं है।”
इस संघर्ष में अब तक अमेरिका के छह सैनिक मारे जा चुके हैं, तथा
हेगसेथ ने आगाह किया कि आने वाले हफ्तों में और अमेरिकी सैनिक हताहत हो सकते हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षा सबसे बड़ी चिंता है, जिसका हल जरूरी है। अधिकारी ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों से पैदा खतरे को हमले शुरू करने का एक मुख्य कारण बता रहे हैं। साथ ही, इसे सरकार के शीर्ष नेतृत्व को सत्ता से बेदखल करने का अवसर भी माना जा रहा है।
ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम “तेजी से और बहुत अधिक बढ़ रहा था, और इससे अमेरिका तथा विदेशों में हमारे सैनिकों को बहुत बड़ा और सीधे खतरा है।”
ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन के साथ एक अलग प्रेस वार्ता में हेगसेथ ने कहा कि इस अभियान का “निर्णायक उद्देश्य” ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों के खतरे को खत्म करना, उसकी नौसेना को नष्ट करना और यह सुनिश्चित करना है कि “कोई परमाणु हथियार न बचे।”
हेगसेथ ने कहा, “यह तथाकथित सत्ता परिवर्तन का युद्ध नहीं है, लेकिन सत्ता परिवर्तन निश्चित रूप से हुआ है और यह दुनिया के लिए बेहतर है।”
संघर्ष अब पूरे क्षेत्र में फैल गया है। ईरान और उसके सहयोगी सशस्त्र समूहों ने इजराइल, अरब देशों और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं।
इस संघर्ष में अब तक छह अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं, और ट्रंप, हेगसेथ और केन ने और सैनिकों के हताहत होने की आशंका जताई है।
नाम न उजागर करने की शर्त पर अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि सभी छह मौतें कुवैत में हुई हैं। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोमवार को कहा कि ईरान के पहले पलटवार के बाद लापता दो सैनिकों के शव बरामद कर लिए गए हैं।