वाशिंगटन, तीन मार्च (एपी) अमेरिका के अन्य राष्ट्रपतियों के कार्यकाल की परंपरा से अलग, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के उद्देश्यों के बारे में देश की जनता को सीधे और सार्वजनिक रूप से जानकारी देने में 48 घंटे से अधिक समय लिया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सैन्य नायकों को सम्मानित करने के लिए ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में आयोजित एक समारोह की शुरुआत में हमले शुरू करने के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी, लेकिन पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया।
हालांकि, दिन में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन ने पेंटागन में संवाददाता सम्मेलन किया।
पिछले दो दिनों में, ट्रंप के पहले से रिकॉर्ड किए दो बयान सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर जारी किए गए। इसके अलावा, उन्होंने ढेरों पत्रकारों को फोन पर साक्षात्कार दिए, जिनमें से कई के जवाब अधूरे थे। इससे लोगों में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई।
इस बात को लेकर ट्रंप की काफी आलोचना हुई कि उन्होंने हमलों का मकसद अमेरिकी जनता को स्पष्ट रूप से समझाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किया, जबकि संघर्ष के दौरान कई अमेरिकी सैनिकों की जानें गईं।
इसके विपरीत, ईरान के खिलाफ अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहे इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्ध शुरू होने वाले दिन दो बयान दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने सोमवार को मिसाइल हमले वाली एक जगह पर पत्रकारों से बातचीत की।
इजराइली सेना हर दिन मीडिया को जानकारी दे रही है।
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय के व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ रहम इमैनुएल ने सोमवार को सीएनएन पर कहा, “अमेरिका की जनता को एक मुख्य सेनापति की जरूरत है, और इस भूमिका में वह (ट्रंप) अनुपस्थित रहे हैं।”
व्हाइट हाउस की खबरें देने वाले द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुख्य संवाददाता पीटर बेकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ईरान पर हालिया युद्ध शुरू करने के बाद ट्रंप तुरंत व्हाइट हाउस नहीं लौटे और ओवल ऑफिस से भी देश को संबोधित नहीं किया, जैसा कि अन्य राष्ट्रपतियों ने किया था। वह चंदा जुटाने से जुड़े एक भव्य राजनीतिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मार-ए-लागो में रुके रहे।”
इस पोस्ट पर व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन च्यांग ने प्रतिक्रिया दी, “कल्पना कीजिए कि कोई पत्रकार इतना परेशान है कि वह चाहता है राष्ट्रपति ट्रंप पुरानी विफल नीतियों की नकल करें। सच्चाई यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप अधिकांश समय एक सुरक्षित स्थान से स्थिति पर नजर रखते हुए, दुनिया के नेताओं के लगातार संपर्क में रहे। उन्होंने देश के लिए कई संबोधन दिए, जिन्हें करोड़ों लोगों ने देखा। उन्होंने कई पत्रकारों से फोन पर बातचीत भी की।”