उत्तर प्रदेश बनेगा देश का अगला ‘फ्रेंच फ्राई’ केंद्र, जलवायु परिवर्तन से आलू की गुणवत्ता में सुधार

0
sdfr3edsw

साबरकांठा (गुजरात), एक मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश अपनी बदलती जलवायु और बढ़ते तापमान के कारण आगामी वर्षों में देश के प्रमुख ‘फ्रेंच फ्राई’ प्रसंस्करण केंद्र के रूप में उभर सकता है। गुजरात स्थित कृषि कारोबार कंपनी ‘हाइफार्म’ ने राज्य की कृषि क्षमता में आ रहे इस सकारात्मक बदलाव पर भरोसा जताया है।

हाइफार्म के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदरराजन एस ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘पिछले छह-सात साल में उत्तर प्रदेश के आलू में ‘ठोस तत्व’ की मात्रा बढ़ी है। इसका मुख्य कारण क्षेत्र के तापमान में क्रमिक वृद्धि है।’’

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी तीन से पांच साल में उत्तर प्रदेश आलू प्रसंस्करण के क्षेत्र में एक नयी शक्ति बनकर उभरेगा।

तकनीकी दृष्टि से, गुणवत्तापूर्ण फ्रेंच फ्राई के लिए आलू में ‘शुष्क पदार्थ’ का अंश 20 से 24 प्रतिशत के बीच होना अनिवार्य है, जिससे वे कुरकुरे बने रहते हैं। उत्तर प्रदेश के आलू में यह स्तर पहले 17 प्रतिशत के आसपास था, जो अब बढ़कर 19-20 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

कंपनी की विस्तार योजनाओं पर चर्चा करते हुए सुंदरराजन ने कहा कि हाइफार्म का लक्ष्य वर्ष 2028 तक आलू की वार्षिक खरीद को चार लाख टन से बढ़ाकर 10 लाख टन करना है। इसके लिए कंपनी वर्ष 2028 में मध्य प्रदेश और 2030 में उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करेगी।

वर्तमान में यह कंपनी गुजरात के साबरकांठा और गांधीनगर में 7,000 किसानों के साथ संबद्ध है। कंपनी ‘बीज से बाजार तक’ मॉडल पर कार्य करती है और अपनी आवश्यकता का लगभग 90-95 प्रतिशत बीज स्वयं तैयार करती है।

उन्होंने उद्योग की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान में भारतीय फ्रेंच फ्राई उद्योग मुख्य रूप से ‘संताना’ किस्म पर निर्भर है। विकल्प के तौर पर अब केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) की नयी किस्मों ‘कुफरी फ्राईसोना’ और ‘कुफरी फ्राईओएम’ को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सुंदरराजन ने इस क्षेत्र के संगठित विकास के लिए भारतीय आलू प्रसंस्करण संघ के गठन पर भी बल दिया। वर्ष 2025 में भारत से जमे हुए आलू का निर्यात 45 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.51 लाख टन के स्तर को पार कर गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *