नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) आबकारी नीति मामले में शुक्रवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को आरोपमुक्त करने वाले विशेष न्यायाधीश जितेंद्र प्रताप सिंह अतीत में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई कर चुके हैं, जिनमें कांग्रेस नेता भंवर जितेंद्र सिंह के खिलाफ एम एफ हुसैन की पेंटिंग से जुड़े मामले को फिर से खोलना भी शामिल है।
न्यायाधीश ने मजिस्ट्रेट के उस आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह के खिलाफ अभियोजन का अनुरोध करने संबंधी शिकायत को खारिज कर दिया गया था।
जितेंद्र प्रताप सिंह वर्तमान में राउज एवेन्यू अदालत में विशेष न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं और वह दिल्ली न्यायिक सेवा के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हैं।
सिंह केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी संघीय एजेंसियों द्वारा जांच किए जा रहे भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई कर चुके हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक की डिग्री प्राप्त सिंह को अक्टूबर 2024 में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था।
भ्रष्टाचार के मामलों को संभालने में उनकी विशेषज्ञता ने उन्हें पहचान दिलाई है और उन्होंने पहले भी चुनावों के दौरान दिए गए सांप्रदायिक बयानों से जुड़े मामलों में याचिकाएं खारिज कह हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता कपिल मिश्रा से संबंधित मामले भी शामिल हैं।