अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित जर्मनी के विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक शोध के अनुसार जिन व्यक्तियों को निमोनिया और कानों की बीमारियां रहती हैं, उन्हें हृदय रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। इन विशेषज्ञों के अनुसार इन रोगों के जीवाणु और विषाणु दिल के रोगों की संभावना बढ़ाते हैं। इस शोध के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. रूपेक्ट के अनुसार कुछ रोग ऐसे हैं जो हमारे रोग प्रतिरोधी तंत्रा को प्रभावित करते हैं और इसके कमजोर होने पर हम रोगों के जल्द शिकार हो जाते हैं। निमोनिया और कानों की बीमारियां व कई अन्य रोगों के जीवाणु व विषाणु हमारी रक्त प्रणालियों और हृदय वाहिकाओं पर प्रभाव डालते हैं। निमोनिया के बढ़ जाने पर संक्रमण रक्त वाहिनियों के माध्यम से पूरे शरीर में फैल जाता है और इसी तरह कान की बीमारियों का असर हृदयवाहिकाओं और मस्तिष्क पर पड़ता है।