नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इजराइल यात्रा को लेकर बृहस्पतिवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भारत को ऐसे शासन का समर्थन करने वाले के रूप में नहीं दिखना चाहिए जिसने गाजा में नरसंहार किया और हजारों असहाय फलस्तीनियों को भुखमरी के लिए मजबूर किया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि मोदी की इज़राइल यात्रा ने क्षेत्र और ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों में अपने पारंपरिक सहयोगियों के बीच सवाल और गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
शर्मा का कहना है, ‘‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपनी प्रेरणा मानते हुए भारत ने मानवता, न्याय और समानता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए सार्वभौमिक सम्मान हासिल किया है। भारत ने हमेशा एक नीति के रूप में आतंकवाद और हिंसा का विरोध किया है। हमने 7 अक्टूबर के हमास हमले और निर्दोष इजराइली नागरिकों की क्रूर हत्या की स्पष्ट रूप से निंदा की थी।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘भारत को इजराइल में एक ऐसे शासन का समर्थन करने के रूप में नहीं दिखना चाहिए, जिसने गाजा में नरसंहार किया है और हजारों असहाय फलस्तीनी नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और बूढ़ों को भूख से मरने के लिए मजबूर किया है, जिसकी संयुक्त राष्ट्र ने मानवता के खिलाफ अपराध के रूप में निंदा की है।”
शर्मा ने कहा कि भारत को सुरक्षित और परिभाषित सीमाओं के भीतर फलस्तीन के एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र की स्थापना पर अपनी घोषित स्थिति पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को इजराइल की संसद ‘नेसेट’ में अपने ऐतिहासिक संबोधन में गाजा शांति पहल को पूरे क्षेत्र के लिए ‘न्यायपूर्ण और स्थायी शांति’ का मार्ग बताया, साथ ही उन्होंने इजराइल के प्रति एकजुटता का सशक्त संदेश देते हुए कहा कि ‘‘आतंकवाद चाहे कहीं हो, यह हर जगह की शांति के लिए खतरा है’’।