यरूशलम, 25 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बुधवार को इजराइल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने बेन गुरियन हवाई अड्डे पर मोदी की अगवानी की।
प्रधानमंत्री मोदी की नौ वर्षों में इजराइल की यह दूसरी यात्रा है। जुलाई 2017 में इस देश की उनकी पहली यात्रा के दौरान भारत-इजराइल संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाया गया था।
नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से गले लगाकर अभिवादन किया। इसके बाद तेल अवीव से 20 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित हवाई अड्डे पर मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी आज इजराइल की संसद को संबोधित करेंगे और नेतन्याहू के साथ वार्ता करेंगे। दोनों नेता बृहस्पतिवार को व्यापक मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
इजराइल यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा था कि उन्हें विश्वास है कि यह यात्रा भारत और इज़राइल के बीच स्थायी संबंधों को और सुदृढ़ करेगी तथा रणनीतिक साझेदारी के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करेगी।
मोदी ने कहा, ”भारत और इज़राइल के बीच एक मज़बूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें हाल के वर्षों में उल्लेखनीय विस्तार और गतिशीलता देखी गई है।”
उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ होने वाली चर्चाओं को लेकर आशान्वित हूं जिनका उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, कृषि, जल प्रबंधन, रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश के साथ लोगों के बीच आपसी संबंधों समेत विभिन्न क्षेत्रों में हमारे सहयोग को और मजबूत करना है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों नेता पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
प्रधानमंत्री की यह यात्रा पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारत-इजराइल संबंध मजबूत हुए हैं, जिनमें रक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, साइबर सुरक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
रक्षा सहयोग दोनों पक्षों के बीच साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है, जिसमें इजराइल भारत को कई सैन्य प्लेटफॉर्म और हथियार प्रणालियां मुहैया करा रहा है।
पिछले साल नवंबर में, भारत के रक्षा सचिव की इजराइल यात्रा के दौरान, रक्षा सहयोग पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किये गये थे।
दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों में भी लगातार प्रगति देखने को मिल रही है।
दोनों पक्षों ने सितंबर में आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए एक द्विपक्षीय निवेश समझौते (बीआईए) पर हस्ताक्षर किये थे।