नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के एक वरिष्ठ निदेशक के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे के दौरान इंतजाम और व्यवस्थाओं से जुड़ी मांगों को ‘‘बेतुकी और चौंकाने वाली’’ करार देते हुए कड़ी निंदा की और कहा कि इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मंत्री की ये टिप्पणी बीएसएनएल के निदेशक विवेक बंजल की आधिकारिक यात्रा से जुड़े व्यापक आतिथ्य प्रबंधों का विवरण सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आयी है।
बंजल की प्रयागराज की दो दिवसीय यात्रा को लेकर जारी कार्यालय आदेश में उनके साजो सामान जिसमें उनके अंत:वस्त्रों, तौलिये, कंघी और आईने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर दी गई हिदायत दी गई हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल इस कार्यालय आदेश को लेकर लोगों का गुस्सा भड़का और उन्होंने सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग पर सवाल खड़े किए।
कार्यालय आदेश के अनुसार बंजल की प्रयागराज की प्रस्तावित दो दिवसीय यात्रा 25 फरवरी और 26 फरवरी को निर्धारित की गई थी। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक उनकी यह यात्रा किन्हीं कारणों से रद्द कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए कार्यालय आदेश के अनुसार लगभग 50 अधिकारियों को तकरीबन 20 जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। इनमें स्नान किट में तौलिया, अतः वस्त्र, हवाई चप्पल, कंघी, आईना और एक तेल की शीशी का इंतजाम करना शामिल था।
कार्यालय आदेश में छह पुरुष किट और दो महिला किट का इंतजाम करने के लिए कहा गया था।
बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए सिंधिया ने कहा कि यह घटना ‘‘अस्वीकार्य’’ है और सभी नियमों और परंपराओं का उल्लंघन है।
सिंधिया ने कहा, ‘‘नए भारत में इस तरह का आदेश अस्वीकार्य है।’’ साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सिंधिया ने इसे ‘बेहद बेतुका’ और ‘स्तब्ध कर देने वाला’ करार दिया।
इस बीच, बीएसएनएल इंडिया ने 21 फरवरी को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बीएसएनएल के पास आधिकारिक दौरों के संचालन के संबंध में स्थायी निर्देश हैं। इनका पालन न करने का एक मामला संज्ञान में आया है। यह मामला बीएसएनएल के पेशेवर मानकों और मूल्यों के अनुरूप नहीं है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की गई है।’’