उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद ट्रंप ने वैश्विक शुल्क 15 फीसदी किया, कारोबारी अनिश्चितता गहराई
Focus News 23 February 2026 0
ब्रिस्बेन, 23 फरवरी (द कन्वरसेशन) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों से आयात पर आधारभूत शुल्क 15 प्रतिशत करने की घोषणा की है। यह फैसला शुक्रवार को आए उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय के बाद लिया गया, जिसमें सर्वोच्च अदालत ने आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाए गए व्यापक “पारस्परिक शुल्क” को अवैध करार दिया।
ट्रंप ने पिछले वर्ष आपातकालीन शक्तियों संबंधी एक कानून के तहत व्यापक शुल्क लगाए थे, लेकिन अदालत ने कहा कि यह कानून उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं देता।
फैसले के बाद ट्रंप ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की आलोचना करते हुए डेमोक्रेटिक जजों को “राष्ट्र के लिए शर्म” बताया। उन्होंने कुछ रूढ़िवादी जजों के फैसले पर भी नाराजगी जताई।
राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने प्रक्रिया को “सरल” बनाने के लिए आपातकालीन शक्तियों का सहारा लिया था, लेकिन अब उनके पास अन्य कानूनी विकल्प भी हैं, हालांकि उनमें अधिक समय लगेगा।
अदालत के फैसले के तुरंत बाद 10 प्रतिशत का वैश्विक आधार शुल्क एक अन्य कानूनी प्रावधान के तहत लागू किया गया था। अब इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। यह प्रावधान अधिकतम 150 दिनों के लिए 15 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की अनुमति देता है। इस अवधि के दौरान प्रशासन अन्य कानूनी विकल्पों की समीक्षा करेगा।
प्रशासन व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 301 के उपयोग पर विचार कर रहा है। इसके तहत उन देशों पर शुल्क लगाया जा सकता है जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का उल्लंघन करते हैं या अमेरिकी व्यापार के साथ “अनुचित” व्यवहार करते हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया में औपचारिक जांच और संबंधित देशों से परामर्श आवश्यक है, जिससे इसे लागू करने में लंबा समय लग सकता है।
एक अन्य विकल्प व्यापार विस्तार अधिनियम 1962 की धारा 232 है, जिसका उपयोग 2018 में स्टील और एल्युमीनियम पर शुल्क लगाने के लिए किया गया था। लेकिन यह प्रावधान उत्पाद-विशिष्ट है और राष्ट्रीय सुरक्षा जांच की मांग करता है, इसलिए सभी आयातों पर व्यापक शुल्क लागू करने के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।
उच्चतम न्यायालय के निर्णय का एक बड़ा असर शुल्क वापसी के मुद्दे पर भी पड़ा है। अदालत ने आपात शक्तियों के तहत वसूले गए शुल्क को अवैध ठहराया है। अनुमान है कि यदि इनकी वापसी होती है तो लगभग 175 अरब अमेरिकी डॉलर लौटाने पड़ सकते हैं। इस संबंध में आगे की कार्यवाही अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधी अमेरिकी अदालत में हो सकती है।
ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों के लिए 15 प्रतिशत की दर प्रतिस्पर्धा की स्थिति को बदल सकती है। हालांकि बीफ, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा उत्पाद और दवाओं जैसे कुछ क्षेत्रों को छूट दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि शुल्क बढ़ोतरी के बावजूद वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप ने इसे स्थिरता की दिशा में कदम बताया है, लेकिन कानूनी और आर्थिक चुनौतियां अभी समाप्त नहीं हुई हैं।
ऑस्ट्रेलिया के संदर्भ में, पहले लागू 10 प्रतिशत की दर अन्य देशों की तुलना में कम थी, लेकिन अब 15 प्रतिशत की समान दर से प्रतिस्पर्धा का स्तर कुछ हद तक बराबर हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शुल्क बढ़ोतरी के बावजूद वैश्विक व्यापार पर अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप ने दावा किया कि इससे “महान स्थिरता” वापस आई है, लेकिन विश्लेषकों के अनुसार व्यापारिक और कानूनी चुनौतियां अभी समाप्त नहीं हुई हैं।
